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पोल से टकराकर कार में लगी आग, पूर्व फ्लाइट मैनेजर की मौत

Wed, 05 Apr 2017 10:57 PM IST
ब्यूरो , अमर उजाला साहिबाबाद
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हादसे वाली कार - फोटो : अमर उजाला
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शालीमार गार्डन एक्सटेंशन-2 निवासी निजी एयरलाइंस के पूर्व फ्लाइट मैनेजर की कार अनियंत्रित होकर ईएसआई अस्पताल के पास बिजली के पोल से जा टकराई। टक्कर से पोल कार पर ही गिर गया और कार में करंट दौड़ गया।

स्पार्किंग से कार में आग लग गई और कार चला रहे पूर्व फ्लाइट मैनेजर ने ड्राइविंग सीट पर तड़प तड़पकर दम तोड़ दिया। दमकल के आग बुझाने के बाद पुलिस ने कार को क्रेन से हटवाया और शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।    
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बुधवार तड़के करीब साढ़े चार बजे तेज रफ्तार कार ईएसआई अस्पताल के पास एक खंभे से जा टकराई। कार की टक्कर में खंभा कार पर गिर गया। टक्कर लगने की आवाज सुनकर आसपास के लोग घरों से बाहर निकले मगर तब तक कार ने आग पकड़ ली थी। कार पर गिरी तारों में स्पार्किंग हो रही थी।

लोगों ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी। दमकल की गाड़ी ने कार की आग बुझाई और कार चालक को बाहर निकालने का प्रयास किया। कलेकिन तब तक चालक पूरी तरह जल चुका था। कार की नंबर प्लेट के जरिए चालक की पहचान जायफ खान (25) निवासी शालीमार गार्डन के रूप में हुई।

वह तीन माह पहले तक गो एयर कंपनी में फ्लाइट मैनेजर था। फिलहाल दूसरी नौकरी की तलाश में था। एसएचओ साहिबाबाद धीरेंद्र यादव ने बताया कि हादसे की जांच की जा रही है। कार के नंबरों को सर्विस सेंटर पर ट्रेस किया गया, जिससे युवक का पता मिला और शिनाख्त हो सकी।

शुरुआती जांच में लग रहा है कि टायर फटने से कार अनियंत्रित हुई और खंभे से जा टकराई। जिम जाने के लिए घर से निकला था मृतक जायफ शालीमार गार्डन एक्सटेंशन-2 स्थित लवली अपार्टमेंट में परिवार के साथ रहता था। उनके पिता जुबैर खान दिल्ली स्थित एक कार कंपनी में सेल्स ऑफिसर हैं।

पिता ने बताया कि बुधवार सुबह करीब साढ़े चार बजे जायफ कार लेकर राजेंद्रनगर स्थित जिम जाने के लिए घर से निकला था। सुबह सात बजे तक बेटा जिम से नहीं लौटा तो उन्होंने मोबाइल पर कॉल किया। मगर मोबाइल बंद आ रहा था। उन्होंने जिम में पता किया तो जिम संचालक ने बताया कि जायफ वहां आया ही नहीं।

इसके बाद परिजन बेटे की खोजबीन कर ही रहे थे कि सुबह करीब साढ़े दस बजे पुलिस ने उनसे संपर्क किया और घटना की जानकारी दी।   इकलौते बेटे की मौत के बाद सदमे में परिजन      पिता के अनुसार वह तीन भाई हैं। तीनों भाइयों की सिर्फ बेटियां हैं। चाचा और ताऊ की बेटियों समेत सात बहनों में जायफ अकेला था।

इकलौता होने के कारण वह सभी का लाडला था। यही कारण था कि परिजन उनकी हर इच्छा को समय से पूर्व पूरा करते थे। फिट रहने के लिए उनसे कुछ दिन पूर्व ही जिम जाना शुरू किया था। कुछ दिन पहले ही उसके पिता ने उसे आईफोन-7 दिलवाया था। जो कार में ही जल गया।

तीन माह पहले ही उसने नौकरी छोड़ी थी और दूसरी नौकरी की तलाश कर रहा था।  अजमेर शरीफ जाने से पहले ही चल बसा बेटा  बेटे की मौत के बाद से मां का रो-रोकर बुरा हाल है। मां ने बताया कि बेटे की लंबी उम्र के लिए वह उसे आने वाले रविवार को अजमेर शरीफ की दरगाह पर चादर चढ़ाने लेकर जाने वाले थे।
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मगर उससे पहले ही वह दुनिया छोड़ गया। पिता ने चौकी में रोते हुए बताया कि वह क्रिकेट में अंडर-14 में खेल चुका है। साथ ही क्रिकेट खेलते हुए दुबई के शारजहां तक जा चुका था।     
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