शहर के बुलंदशहर औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक केमिकल फैक्ट्री के मालिक की पत्नी ने खुद को गोली नहीं मारी थी बल्कि उसके पति ने ही उस पर गोली चलाई थी, यह खुलासा होश में आने पर महिला ने किया है।
अब तक पुलिस यह मान कर चल रही थी कि पति के जहर खा लेने के बाद महिला ने खुद को गोली मार ली होगी क्योंकि पति की मौत के बाद दंपति के संयुक्त हस्ताक्षर से सुसाइड नोट मिला था। पुलिस के लिए अब यह संयुक्त रूप से सुसाइड करने का केस नहीं रहा। कविनगर पुलिस नए सिरे से जांच में जुट गई है।
विवेकानंद नगर स्थित अपने घर में शुक्रवार को जहर खाने से फैक्ट्री मालिक सुधीर यादव की नरेंद्र मोहन अस्पताल में मौत हो गई थी। वहीं उनकी पत्नी नीतू गोली लगने से घायल हो गई थी और उन्हें ग्रेटर नोएडा के जेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
सोमवार दोपहर होश में आने पर नीतू ने गाजियाबाद व ग्रेटर नोएडा पुलिस को बयान दिया कि उसके पति ने शुक्रवार रात उसे सोते हुए में गोली मार दी थी। नीतू ने यह भी खुलासा किया कि सुसाइड नोट में जिस किराएदार यशपाल पर खुदकुशी के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया है, वह रिश्ते में उसका भांजा है और उसे मौसी कहता है।
नीतू ने यह भी कहा कि उसके यशपाल के साथ अवैध संबंध नहीं हैं।दूसरी तरफ सुधीर के भाई सतीश ने अलीगढ़ से रविवार देर रात कविनगर नगर थाने में आकर यशपाल उर्फ मंगे, उसके पिता भोपाली और भाई रामदास के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी।
एफआईआर में आरोप लगाया है कि उसके भाई सुधीर ने नीतू और यशपाल को कई बार आपत्तिजनक स्थिति में देखा था। इससे वह बहुत आहत था। सुधीर ने इस बारे में गांव में आकर परिजनों को भी बताया था।
यह भी आरोप लगाया है कि यशपाल नीतू से संबंध होने की बात कहकर उन्हें ब्लैकमेल कर रहा था और उनके मकान पर कब्जा कर रखा था। सतीश ने आरोप लगाया है कि यशपाल ने पिता और भाई के साथ मिलकर उसके भाई की मौत की साजिश रची थी।
इसके बाद पुलिस ने शनिवार को हिरासत में लिए यशपाल को गिरफ्तार कर सोमवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे डासना जेल भेज दिया गया है। एसओ कविनगर का कहना है कि नीतू के बयानों के आधार पर पुलिस मामले की नए सिरे से जांच करेगी। बता दें कि सुधीर अलीगढ़ जिले के दादो क्षेत्र के मुजफ्फरा गांव के रहने वाले थे। वह पूर्व प्रधान थे, जबकि उनकी पत्नी नीतू वर्तमान में प्रधान है।