होम्योपैथिक डॉक्टर अनिल त्यागी को मैसेज और फोन कर 50 लाख रुपये की रंगदारी मांग रहे दो युवकों को सिहानी गेट पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनमें मुख्य आरोपी इंटरमीडिएट का छात्र है।
डॉ. अनिल त्यागी घूकना त्यागी मार्केट में रहते हैं और वहीं उनका क्लीनिक है। 29 सितंबर को दोपहर 1:50 बजे उनके मोबाइल पर अंजान नंबर से कॉल आई, लेकिन बात नहीं हो सकी। इसके बाद उन्होंने कॉल बैक की लेकिन तब भी बात नहीं हुई।
दोपहर 2:24 बजे उसी नंबर से मैसेज आया, जिसमें लिखा था, ‘डॉक्टर आज शाम पांच बजे तक 50 लाख रुपये का बंदोबस्त कल ले, क्योंकि तेरी फैमिली हमारे निशाने पर है। अगर उनकी सलामती चाहता है तो जैसे बोला वैसा कर।
अगर कोई चालाकी की या पुलिस को बताया तो अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहना, और बाकी तू समझदार है, पैसे कब और कहां देने हैं वो फोन करके बता देंगे। जो करना है सोच समझकर करियो। अगर फैमिली ही नहीं रहेगी तो पैसों का क्या करेगा।’
इसके बाद शाम 5:24 बजे उसी नंबर से कॉल आई, जो उन्होंने रिसीव नहीं की। 5:26 बजे फिर से उसी नंबर से एसएमएस आया जिसमें लिखा था, ‘डॉक्टर लगता है कि तुझे तेरे घरवालों से प्यार नहीं है। लगता है ट्रेलर दिखाना पड़ेगा। अब तू मुझे ढूंढेगा। अगली बार बात नहीं करूंगा।’
इसकी सूचना डॉक्टर ने पुलिस को दी। सिहानी गेट एसएचओ अवनीश गौतम ने बताया कि सूचना के बाद पुलिस ने सर्विलांस के जरिए नंबर की लोकेशन ट्रेस कर सोमवार को दो आरोपियों शिवम त्यागी निवासी मरियम नगर और रवि निवासी नंदग्राम को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों से मोबाइल और सिम भी बरामद कर लिया गया है। फोन करने वाला मुख्य आरोपी शिवम (19) नोएडा के एक स्कूल से इंटर की पढ़ाई कर रहा है जबकि रवि (20) फैक्ट्री में सफाई का काम करता है। इस दौरान इनकी कई दोस्तों से भी बातें हो रही थीं, उनकी भूमिका की भी जांच की जा रही है।
दहशत में था डॉक्टर का परिवार
धमकी भरे मैसेज के बाद डॉक्टर और उनका परिवार दहशत में था। हालांकि सिहानी गेट पुलिस ने उनकी सुरक्षा के लिए एक दरोगा और घर पर एक लैपर्ड (दो सिपाही) की ड्यूटी लगा दी थी।
‘बुलेट राजा’ और ‘नंबर वन बिजनेसमैन’ फिल्म देखकर रची साजिश
रंगदारी मांगने वाले इंटर के छात्र शिवम त्यागी का कहना है कि उसने साउथ की फिल्म ‘बुलेट राजा’ और ‘नंबर वन बिजनेसमैन’ देखकर रंगदारी मांगने की साजिश रची थी।
उसने बताया कि फिल्मों की ही तरह वह ऐसे लोगों से रंगदारी मांगता जो दो नंबर का काम करते हैं।
अभी उसे यह नहीं पता था कि कौन-कौन दो नंबर का काम करते हैं, इसलिए मोहल्ले के पास ही रहने वाले डॉक्टर अनिल त्यागी को टारगेट बनाया। उनके क्लीनिक के बोर्ड से उनका मोबाइल नंबर लिया और उस पर कॉल और मैसेज किए।
उसे लगा था कि डॉक्टर डर जाएंगे और आसानी से रंगदारी दे देंगे। डॉक्टर से अगर उसे रंगदारी मिल जाती तो वह शहर में अपने कई ऑफिस बनाता और उसमें अपने दोस्तों को रखता, जिनसे वह ऐसे लोगों की डिटेल्स पता करवाता, जो दो नंबर का काम करते हैं, फिर उनसे इसी तरह रंगदारी मांगता।
उस पैसे से समाज सेवा करता। अस्पताल, मंदिर और स्कूल बनवाता। पुलिस के सामने उसने फिल्मी डायलॉग भी बोला कि ‘हमारे देश में अमीर और अमीर होता जा रहा है और गरीब और गरीब। राजनीति में आकर वह यह बदलना चाहता है।’
उसने बताया कि जिस नंबर से धमकी दी थी, वह उसके एक दोस्त का है, जो उसने फर्जी आईडी पर 150 रुपये में लिया था। रवि के अलावा उसके कुछ दोस्तों को भी इसके बारे में जानकारी थी। हालांकि उनमें से कई ने उसे ऐसा करने से मना भी किया था।
वह दोस्तों से कोड वर्ड में बात करता था, ताकि पुलिस उसका नंबर ट्रेस कर उस तक न पहुंच सके। उसने फोन पर बात करने के लिए अपना नाम 55 और रवि का नाम 64 रखा हुआ था।