गाजियाबाद। आईपीएस संजीव त्यागी के पिता ईश्वर त्यागी की हत्या के मामले में पुलिस ने शनिवार सुबह हत्यारोपी छोटे बेटे डब्बू उर्फ अनुज को महरौली गांव से गिरफ्तार कर लिया। डब्बू महरौली निवासी दोस्त जॉनी के घर रुपये मांगने आया था।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी से हत्या में प्रयुक्त पिस्टल और फॉरच्युनर कार भी बरामद कर ली है। पुलिस के अनुसार खर्च के लिए रुपये न देने और जीवन में सफल न हो पाने की कुंठा में डब्बू ने पिता की हत्या की थी। पुलिस ने डब्बू को पिस्टल मुहैया कराने वाले महरौली निवासी राहुल और जॉनी की तलाश शुरू कर दी है।
क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर एससी बेलवाल ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने शनिवार सुबह आरोपी डब्बू को महरौली में रहने वाले उसके दोस्त जॉनी के घर से गिरफ्तार किया है। जॉनी और राहुल ने ही उसे चार लाख रुपये में एक विदेशी पिस्टल और 43-43 हजार में दो अन्य पिस्टल मुहैया करवाई थीं। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त विदेशी पिस्टल व 19 कारतूस आत्मा स्टील कंपनी के पास झाड़ियों से जबकि गाजियाबाद रेलवे स्टेशन के पास खड़ी फॉरच्युनर कार बरामद कर ली है।
असफलता के लिए पिता को मानता था जिम्मेदार
क्राइम ब्रांच के अनुसार डब्बू ने बताया है कि उसके बड़े भाई प्रवीण और कुलदीप मुंबई में पेस एकेडमी चलाते हैं। एक भाई संजीव आईपीएस जबकि छोटा भाई कपिल आईआईटीयन है। उसका आरोप है कि पिता ने ग्यारहवीं के बाद उसे पढ़ने नहीं दिया।
उसके साथ मारपीट करते थे और उससे घर का काम कराते थे। इसके चलते उसकी पढ़ाई छूट गई और वह कामयाब नहीं हो सका। उसने बताया कि प्रवीण ने उसकी कंपनी हड़प ली और उसकी हत्या की साजिश भी रची। इसी के चलते उसने पिता की हत्या कर दी। डब्बू ने कहा कि उसे मौका मिला तो वह सभी भाइयों की हत्या कर देगा।
हत्या के बाद गोरखपुर, काठमांडू, अहमदाबाद और सूरत में रुका
डब्बू ने बताया कि पिता की हत्या कर वह घर से भाग निकला और कार को गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर खड़ी कर टेंपों से नोएडा चला गया। वहां से बस में बैठकर गोरखपुर, और सोनौली से काठमांडू (नेपाल) चला गया।
एक दिन काठमांडू में रुककर वह वापस इंडिया आकर ट्रेन से अहमदाबाद पहुंचा। वहां से सूरत और महसाणा पीएम मोदी से मिलने पहुंचा। इस दौरान तीन दिन अहमदाबाद की एक कंपनी में नौकरी भी की। कंपनी ने जब उसकी आईडी मांगी तो वह वहां से नौकरी छोड़कर गाजियाबाद आ गया।
लोकेशन ट्रेस न हो इसलिए मोबाइल छोड़कर भागा
डब्बू ने बताया कि उसे पता था कि हत्या के बाद अगर वह मोबाइल घर छोड़कर जाएगा तो पुलिस उसकी लोकेशन ट्रेस नहीं कर सकेगी। उसने बताया कि उसके पास हत्या करने के बाद सिर्फ 10-12 हजार रुपये ही थे।
चार दिन बाद वह महरौली में राहुल के घर गया था मगर वह घर पर नहीं मिला। इसके बाद दोबारा अहमदाबाद गया। अहमदाबाद में रुपये खत्म होने के बाद वह गाजियाबाद के बम्हैटा निवासी एक युवक के पास रुपये मांगने भी आया था मगर युवक उसे नहीं मिला। इसके बाद से वह आसपास के इलाकों में ही छिपकर रह रहा था। शनिवार को वह जॉनी के घर पहुंचा जहां से पुलिस ने उसे धर दबोचा।
ज्योतिषी से मिलवाने के बाद पिता की हत्या करने का सोचा
पुलिस के अनुसार कुछ समय पहले डब्बू के मानसिक रोग सीजोफ्रेनिया को ठीक करने के लिए पिता ईश्वर त्यागी ने एक ज्योतिषी को बुलाया था। ज्योतिषी ने उसे भगवान शिव के मंत्र का जप करने को कहा था। डब्बू को लगा कि ज्योतिषी उसका दिमाग खराब करना चाहता है। इसके बाद उसने पिता को मारने की ठान ली।