लूट के आरोप में डासना जेल में बंद एक युवक की बुधवार सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। युवक को जेल प्रशासन द्वारा जिला अस्पताल इलाज के लिए भेजा गया था। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
दूसरी ओर बंदी के परिजनों ने बुधवार सुबह अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। परिजनों ने जेल और अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। मृतक युवक मोहित (21) के पिता ओमपाल ने बताया कि उनका परिवार बहरामपुर में रहता है।
वह मूल रूप से बुलंदशहर के रहने वाले हैं। 17 जून को मोहित को सिहानी गेट पुलिस गांधी नगर में हुई एक लूट के मामले में उठा ले गई थी। ओमपाल के अनुसार बुधवार सुबह अस्पताल से ही उनके पास फोन गया था। उनका कहना है कि मोहित को कोई बीमारी नहीं थी। सिहानी गेट पुलिस की पिटाई के चलते ही वह बीमार पड़ा था।
उधर जेल अधीक्षक एसपी यादव का कहना है कि मोहित को एनीमिया की बीमारी थी। इसी के चलते जेल अस्पताल में ही उसका इलाज चल रहा था। खून की कमी के चलते मंगलवार आधी रात के बाद अचानक उसकी तबियत बिगड़ गई।
इस पर रात में ही उसे एमएमजी अस्पताल भेजा गया, जहां इलाज के दौरान ही उसकी मौत हो गई। दूसरी ओर जिला एमएमजी अस्पताल के सीएमएस डा. जेके त्यागी का कहना है कि जिस समय बंदी को अस्पताल लाया गया, उस समय मौत हो चुकी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही मौत की असली वजह सामने आएगी।
ओमपाल ने बताया कि मोहित बहरामपुर विजयनगर इलाके में ट्रैक्टर चलाकर परिवार का पालन पोषण करता था। पुलिस ने उसे फर्जी फंसाया था। जेल में भी उसका सही तरीके से इलाज नहीं किया गया।
वहीं, एसएचओ सिहानी गेट का कहना है कि 16 जून को मोहित और उसके सात साथियों को लूट के मामले में गिरफ्तार किया गया था। 17 जून को कोर्ट में पेश करने के बाद सभी को जेल भेज दिया गया था।