रिपोर्ट दर्ज कराए जाने से कुपित होकर एक व्यक्ति ने वार्ड-11 की महिला पार्षद के साथ गाली-गलौज और मारपीट कर डाली। पार्षद ने सिहानी गेट थाने में आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
मुकुंद नगर निवासी लवली कौर जगदीश नगर क्षेत्र से भाजपा की पार्षद हैं। लवली कौर ने बताया कि शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे वह घर से निकली थीं, तभी गली में सुच्चा सिंह नाम का व्यक्ति ने उनसे अभद्रता करने लगा।
विरोध करने पर उसने गाली-गलौज और मारपीट कर दी। मारपीट में उन्हें मामूली चोटें भी आईं। शोर मचाने और पुलिस कंट्रोल रूम पर फोन करने पर आरोपी फरार हो गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने पार्षद का मेडिकल कराया।
इस दौरान सिहानी गेट थाने पर भाजपाइयों का जमावड़ा लग गया। उन्होंने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उधर, सीओ सेकेंड मनीष मिश्रा ने बताया कि पार्षद लवली कौर ने बृहस्पतिवार को सुच्चा सिंह के खिलाफ मैसेज भेजकर परेशान करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एनसीआर दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
रामलीला कमेटी अध्यक्ष ने पार्षद के खिलाफ खोला मोर्चा
राजनगर रामलीला कमेटी का विवाद अभी थमा भी नहीं कि अब संजय नगर रामलीला कमेटी में विवाद शुरू हो गया। संजय नगर रामलीला कमेटी के अध्यक्ष संजीव चौधरी ने समिति के संरक्षक व स्थानीय पार्षद मुकेश त्यागी पर मैदान में कचरा डलवाने, सफाई कर्मचारी न देने और मंचन में व्यवधान डालने का आरोप लगाया है। उधर, पार्षद मुकेश त्यागी ने अध्यक्ष पर रामलीला के मंच को राजनीतिक मंच बनाने और सस्ती लोकप्रियता पाने के षड़यंत्र का आरोप लगाया।
रामलीला समिति के अध्यक्ष संजीव चौधरी ने उन्हीं की कमेटी में संरक्षक और स्थानीय पार्षद मुकेश त्यागी पर आरोप लगाए हैं कि उन्होंने रामलीला मैदान को डंपिंग ग्राउंड बनवा दिया। सफाई के लिए कहा तो सुपरवाइजर से बदसलूकी कराई।
उन्होंने आरोप लगाया कि रामलीला कमेटी ने निगम अधिकारियों और कार्यकारिणी समिति के उपाध्यक्ष से मिलकर रामलीला मैदान के लिए मरम्मत कार्य स्वीकृत कराए, लेकिन इसका श्रेय भी मुकेश त्यागी ले रहे हैं।
आरोप है कि टेंट का सामान रामलीला में न लगवाने की वजह से वह व्यवधान डाल रहे हैं। उधर, पार्षद मुकेश त्यागी का कहना है कि रामलीला कमेटी में संजीव चौधरी चार साल से आए हैं जबकि वह 20 साल से उससे जुड़े हुए हैं।
मंचन के लिए मंच से लेकर कमरे, इंटरलाकिंग टाइल्स उन्होंने लगवाई है। अब संजीव चौधरी इस रामलीला मंच को राजनीतिक मंच बनाकर सस्ती लोकप्रियता हासिल करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि निगम ने शुक्रवार को रामलीला मैदान के लिए पांच कर्मचारी दे दिए हैं।
मैदान की मरम्मत कार्य के लिए उन्होंने 17 अगस्त को ही महापौर को पत्र दे दिया था। इसी के बाद यह कार्य हुए हैं। अब कमेटी अध्यक्ष कुछ भी कहते रहे।