आरडीसी में चल रही एडीएस कैश कंपनी के खिलाफ कविनगर पुलिस को 15 नईं शिकायतें मिली हैं। इनमें भी कंपनी पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया गया है।
दिल्ली और गाजियाबाद निवासी शिकायतकर्ताओं के मुताबिक, हजारों लोगों ने कंपनी की मेंबरशिप ली हुई थी।
कंपनी ने शुरुआती दो महीने में निवेशकों को छह रुपये प्रति लाइक के हिसाब से पैसे दिए थे, लेकिन दो माह बाद से पैसे आने बंद हो गए थे। सीओ सेकेंड मनीष मिश्र ने बताया कि इस संबंध में आई अन्य शिकायतों की भी जांच की जा रही है। मामले को नोएडा एसटीएफ और एसआईटी को भेजा जा सकता है।
कंपनी पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है। पुलिस की जांच में पता चला है कि संदीप गर्ग ने कंपनी को अक्तूबर 2016 में शुरू किया था। इसके बाद उसने एड और एजेंट्स के माध्यम से कंपनी से देश के कई राज्यों से करीब 30 हजार से अधिक लोगों को जोड़ा था। कंपनी ने जुड़ने के बाद लोगों से करीब 120 करोड़ रुपये निवेश कराए थे।
बता दें 14 फरवरी को एड्स कैश कंपनी द्वारा ठगी का मामला सामने आया था। इसके बाद से अब तक इस मामले में कविनगर पुलिस को करीब 50 शिकायतें मिल चुकी हैं। साथ ही एफआईआर भी दर्ज हो चुकी हैं।