वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों अब आई कार्ड लगाकर काम करना होगा। प्रदेश मुख्यालय से इस संबंध में निर्देश दिए गए हैं। आई कार्ड लगाने से यह सुनिश्चित करना आसान होगा कि कौन व्यक्ति बाहरी है और विभाग का कर्मचारी या अधिकारी है। यह कवायद दलालों और प्राइवेट कर्मचारियों को विभाग में आने से रोकने के लिए की गई है।
वाणिज्य कर विभाग में पहली बार ऐसा होगा कि अधिकारी और कर्मचारी अनिवार्य रूप से अपना आई कार्ड लगाकर बैठेंगे। विभाग के कमिश्नर मुकेश मेश्राम के मुताबिक प्रदेश मुख्यालय को शिकायतें मिल रही थीं कि विभाग में व्यापारियों का काम काम कराने के एवज में दलालों और प्राइवेट कर्मचारियों की ओर से उगाही की जाती है।
व्यापारियों को यह पता ही नहीं लगता कि जिससे वह काम करा रहे हैं, वह वाणिज्य कर विभाग का अधिकारी-कर्मचारी है या कोई और। व्यापारियों को उगाही बचाने के लिए अधिकारी और कर्मचारी गले में अपना आई कार्ड लगाएंगे।