बोतलबंद पानी के अवैध कारोबार और भूजल दोहन पर रोक लगने जा रही है। एक याचिका पर सुनवाई करते हुए एनजीटी ने हापुड़ और गाजियाबाद में बगैर अनुमति फैक्ट्रियों में लगे डीप बोरवेल और आवासीय सबमर्सिबल को एक सप्ताह के अंदर बंद करने के आदेश दिए हैं।
इस आदेश की जद में गाजियाबाद की छोटी-बड़ी 1000 हजार से ज्यादा फैक्ट्रियां आएंगी।सोसायटी फॉर प्रोटेक्शन एनवायरमेंट एनजीओ और एक्टिविस्ट सुशील राघव व आकाश वशिष्ठ ने एनसीआर में जल दोहन रोकने के लिए एनजीटी में याचिका दायर की थी।
याचिका पर सुनवाई करते हुए जावद रहीम की अध्यक्षता वाली पीठ ने कड़े आदेश दिए हैं। एनजीटी ने स्पष्ट कहा है कि एक हफ्ते के अंदर सभी बोरवेल और सबमर्सिबल बंद किए जाएं जो जल दोहन कर रहे हैं।
साथ ही जिन फैक्ट्री संचालकों ने जल दोहन के लिए स्थानीय नगर निगम में अप्लाई किया है और जल दोहन में लग गए हैं, उन्हें भी तीन हफ्ते के अंदर बंद किया जाए। एनजीटी ने डीएम को जल माफियाओं पर शिकंजा कसने और केंद्रीय भूगर्भ जल प्राधिकरण के साथ मिलकर कार्रवाई करने को कहा है।
वहीं इस आदेश पर हापुड़ डीएम को भी अपने यहां कार्रवाई कर एक सप्ताह के अंदर एनजीटी को रिपोर्ट देनी है।