बुलंदशहर में हाईवे पर हैवानियत के बाद डीजीपी ने हाईवे पर अलर्ट रहने और रात में पेट्रोलिंग के आदेश किए थे, लेकिन महीना भर भी पूरा नहीं हुआ और पुलिसकर्मियों ने आदेशों की हवा निकाल दी है। अमर उजाला ने रविवार रात एनएच-24 और 58 की सिक्योरिटी का हाल जाना।
एनएच-24 आत्माराम स्टील कट : रात 11: 10 बजे
पुलिस कहीं नजर नहीं आई। बम्हैटा पेट्रोल पंप तक (करीब दो किलोमीटर) कई जगह अंधेरा भी है, मगर पुलिसकर्मी गश्त नहीं कर रहे थे।
एनएच-24 लालकुआं: रात 11:25 बजे
एनएच-91 से जुड़ने वाली इस जगह से भी पुलिसकर्मी नदारद थे। वाहन रफ्तार से गुजर रहे थे। न ही चेकिंग या गश्त का कोई इंतजाम था। नजदीक ही बनी पुलिस चौकी पर भी पुलिसकर्मी नजर नहीं आ रहे थे।
एनएच -24 एबीईएस कट : रात 11: 35 बजे
एबीईएस कट पर पुलिस पिकेट बनी हुई है, मगर उसमें कोई नहीं था। रोड के बीच डिवाइडर पर कुछ युवक बैठे थे। विजयनगर बाईपास के पास तक रास्ते में कोई पुलिसकर्मी नजर नहीं आया।
एनएच- 58: रोरी कट: रात 11:45 बजे
इस कट पर 10 कदमों की दूरी पर पिछले दिनों एक महिला को अगवा कर उसकी हत्या कर दी गई थी। चेकिंग प्वाइंट होने केबावजूद यहां भी पुलिसकर्मी नजर नहीं आए।
एनएच-58 कादराबाद: रात 12:00 बजे
मेरठ के बॉर्डर से सटे गाजियाबाद के इस महत्वपूर्ण चेक पोस्ट पर पुलिसकर्मी तो थे, मगर आराम फरमा रहे थे और वाहन गुजर रहे थे। लगातार वारदातों के बावजूद अलर्टनेस नहीं थी।