बैन के बावजूद धड़ल्ले से बिक रहे चाइनीज मांझे की चपेट में आकर अब एक बच्चे की गर्दन कट गई है। उसकी गर्दन में 24 टांके आए हैं। लगातार हादसे होने के बावजूद प्रशासन चाइनीज मांझे पर रोक नहीं लगा पा रहा है।घटना सोमवार शाम करीब साढ़े पांच बजे एनएच-24 पर विजयनगर बाईपास के पास हुई। कृष्णा नगर बागू निवासी राजा नोएडा की एक निजी कंपनी में जॉब करते हैं।
वह नर्सरी में पढ़ने वाले पांच वर्षीय बेटे आर्यन के साथ बाइक पर जा रहे थे। आर्यन को उन्होंने बाइक पर आगे बैठाया हुआ था। इसी दौरान एक पतंग कटकर उनकी तरफ आई, जिसमें चाइनीज मांझा बंधा था। मांझा आर्यन की गर्दन में लिपट गया, जिससे उसकी गर्दन में गहरा घाव हो गया। आर्यन को तुरंत पास के नर्सिंग होम में ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी गर्दन पर 24 टांके लगाए।
घटना को लेकर लोगों में रोष है। बता दें कि गाजियाबाद में चाइनीज मांझे पर छह माह से बैन लगा हुआ है। इसके बावजूद इसकी बिक्री जारी है। तीन घटनाएं होने के बावजूद प्रशासन आंख मूंदे बैठा है।
चाइनीज मांझे से पहले हुए हादसे
8 जुलाई: ठाकुरद्वारा फ्लाईओवर पर प्रॉपर्टी डीलर योगेश शर्मा की मौत
18 जुलाई: विजयनगर में 12वीं के छात्र देवांश सेठी की गर्दन कटी, घायल
चाइनीज मांझे में होता है प्लास्टिक
चाइनीज मांझे में प्लास्टिक होता है। इस वजह से यह आसानी से टूटता नहीं है। इसमें धार भी होती है। वैसे बाजार में मिलने वाले सभी मांझे घातक होते हैं, लेकिन इनमें चाइनीज मांझा सबसे खतरनाक साबित होता है। करीब छह साल पहले यह मांझा भारत में आया था। पतंगबाज इसलिए भी इसे ज्यादा पसंद करते हैं, क्योंकि यह बारिश के दौरान भी खराब नहीं होता है। पक्षी मांझे से ज्यादा शिकार होते हैं।