रिछपालपुरी में बसपा नेता की पत्नी की संदिग्ध हालात में मौत हो गई है। मृतका के परिजनों ने पति के खिलाफ जहर देकर मारने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। नगर कोतवाली पुलिस आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
मृतका पूनम उर्फ पिंकी (36) पत्नी मोहन कुमार निवासी 102, रिछपालपुरी थीं। 31 जनवरी 2011 को उनकी शादी हुई थी। मोहन बसपा के पूर्व गाजियाबाद विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष और एक ऑटो पार्ट्स शॉप के संचालक हैं। इनका पांच साल का एक बेटा भी है।
पूनम के भाई राजीव निवासी अजमेरी गेट, दिल्ली ने बताया कि मोहन का चरित्र ठीक नहीं है। इसी वजह से उसका पूनम से अक्सर झगड़ा होता था। विरोध करने पर मोहन उसके साथ मारपीट करता था।
राजीव का कहना है कि पूनम के बेड के पास कीटनाशक दवाई मिली है, आरोप है कि मोहन ने ही उसे जहर देकर मारा है। उन्होंने बताया कि रात करीब नौ बजे पूनम से उनकी फोन पर बात हुई थी। इस दौरान पूनम ने मोहन की हरकतों और घर में झगड़ा होने की बात बताई थी।
इस संबंध में सीओ फर्स्ट इंद्रपाल सिंह का कहना है कि परिजनों की तहरीर के बाद मोहन और उसके तीन भाइयों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मोहन को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, उसका कहना है कि शनिवार रात उनका और पूनम का करवाचौथ पर साड़ी को लेकर झगड़ा हुआ था।
इसके बाद पूनम ने जहर पी लिया था। उन्होंने पूनम के परिजनों को फोन कर रात करीब साढ़े नौ बजे जहर पीने की सूचना दी और उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान रविवार दोपहर करीब डेढ़ बजे पूनम की मौत हो गई।
मोहन की दूसरी पत्नी थी पूनम
राजीव ने बताया कि आठ साल पहले उन्होंने अपनी बड़ी बहन शोभा की शादी मोहन से की थी। पांच साल पहले शोभा की भी रहस्यमय हालत में जलने से मौत हो गई थी। शोभा के दो बच्चों का पालन पोषण करने के लिए परिजनों ने समझौता कर पूनम से मोहन की शादी करा दी थी। बाद में पूनम का भी एक बच्चा हुआ था।
वीडियो में थप्पड़ मारते नजर आ रहा मोहन
पुलिस को पूछताछ में मोहन के मोबाइल में 10-15 सेकेंड की चार वीडियो मिली हैं। इनमें से एक विडियो में मोहन पूनम को थप्पड़ मारते हुए नजर आ रहा है। वहीं, एक अन्य वीडियो में पूनम आधे घंटे में मायके जाने की बात करती दिख रही है।
पुलिस निष्पक्ष जांच करे : बसपा जिलाध्यक्ष
बसपा के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र जाटव का कहना है कि पुलिस इस मामले में निष्पक्ष होकर जांच करे। उन्होंने बताया कि करीब एक माह पहले तक मोहन गाजियाबाद विधानसभा क्षेत्र के अध्यक्ष थे, अब वे सिर्फ बसपा कार्यकर्ता हैं।