इस बार यातायात माह में ट्रैफिक के नियम तोड़ने और जुर्माना वसूलने में गाजियाबाद प्रदेश में नंबर वन रहा। इस दौरान 35 हजार चालान किए गए और 42 लाख रुपये जुर्माना वसूला गया।
बृहस्पतिवार को हिंदी भवन में हुए यातायात माह के समापन समारोह में एसपी ट्रैफिक राजेश कुमार ने बताया कि चालान और जुर्माना वसूलने का यह आंकड़ा प्रदेश में सबसे ज्यादा है। दूसरे नंबर पर इलाहाबाद है, जहां 27 लाख रुपये शमन शुल्क वसूला गया और 22 लाख वसूली कर आगरा तीसरे नंबर पर रहा।
उन्होंने बताया कि गाजियाबाद में सबसे ज्यादा 14 हजार 55 चालान बिना हेलमेट वालों के, इसके बाद तीन सवारी के 2921, मोबाइल पर बात करते हुए 2184 और बिना डीएल 2165 चालान काटे गए।
सबसे ज्यादा चालान एसओ साहिबाबाद सुरेंद्र यादव ने काटे, इसके बाद एसओ इंदिरापुरम शीलेश यादव और तीसरे नंबर पर कविनगर एसओ अवधेश यादव रहे। एसपी ट्रैफिक ने मेयर से ट्रैफिक सिग्नल लाइटें दुरुस्त करने की भी मांग की।
कार्यक्रम में मेयर, डीएम, एसएसपी, जीडीए सचिव और सिविल डिफेंस के चीफ वार्डन आदि मौजूद रहे। समापन के अवसर पर स्कूली बच्चों ने एक रैली भी निकाली। बता दें कि हर साल नवंबर माह को ट्रैफिक पुलिस यातायात माह के रूप में मनाती है।
इस बार गाजियाबाद ट्रैफिक पुलिस का टारगेट एक करोड़ रुपये शमन शुल्क वसूलने का था, मगर नोट बंदी केकारण यह आंकड़ा पिछले साल के शमन शुल्क 56 लाख से भी कम रह गया।
डॉक्यूमेंट्री दिखाईं और नुक्कड़ नाटक किया
समापन कार्यक्रम में ट्रैफिक पुलिस ने दो डॉक्यूमेंट्री दिखाईं और स्कूली बच्चों ने नुक्कड़ नाटक कर लोगों को ट्रैफिक केप्रति जागरूक रहने अपील की। साथ ही ट्रैफिक पुलिस ने पेंटिंग्स प्रतियोगिता के विजेता बच्चों और बेहतर काम करने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मानित भी किया।
शून्य हो चालान और जुर्माना: डीएम
जिलाधिकारी निधि केसरवानी ने कहा कि चालान काटना और शमन शुल्क वसूलना ट्रैफिक पुलिस के लिए उपलब्धि है, लेकिन लोगों को इतना जागरूक होना चाहिए कि जुर्माना और चालान शून्य हो।
सब ट्रैफिक केनियमों का पालन करें। उन्होंने कहा कि ज्यादातर लोग अवैध कटों से निकलकर ट्रैफिक नियम तोड़ते हैं। पुलिस अवैध कट्स बंद करती है, लेकिन लोग फिर उन्हें खोल लेते हैं।
भय बिन होत न प्रीत: मेयर
मेयर अशु वर्मा ने कहा कि भय बिन होत न प्रीत। लिहाजा चालान और शमन शुल्क का डर लोगों को रहना चाहिए, तभी वह ट्रैफिक केनियमों का पालन करने वाले बनेंगे। उन्होंने ट्र्रैफिक पुलिस से दिसंबर माह को भी यातायात माह के तौर पर मनाए जाने का सुझाव दिया।
एक लाख बच्चों को पढ़ाया ट्रैफिक नियमों का पाठ
एसएसपी दीपक कुमार ने कहा कि इस बार ट्रैफिक पुलिस ने 100 से ज्यादा स्कूलों के एक लाख सेे ज्यादा बच्चों को ट्रैफिक के नियमों का पाठ पढ़ाया। यह शमन शुल्क वसूलने से भी बड़ा काम किया गया।
साथ ही उन्होंने कहा कि वह 8 साल पहले जब यहां सीओ थे, तब भी मोहन नगर पर जाम लगता था, आज भी लगता है। यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए यह जाम खत्म होना सबसे जरूरी है।