हाईवे से सटे सुभाष बाजार में ब्रांडेड कंपनियों के घी और मिल्क पाउडर में मिलावट, रीपैकिंग करने वाली फैक्ट्री पर पकड़ी गई है। एसएमसी फूड लिमिटेड की शिकायत पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने मंगलवार को छापा मारा।
मौके से प्रसिद्ध कंपनियों के रैपर, केमिकल, घी, मिल्क पाउडर मिला है। करीब ढाई लाख कीमत का देशी घी, मिल्क पाउडर सीज किया गया है। इसके अलावा चार सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।
मिलावटी घी की सप्लाई मोदीनगर, गाजियाबाद, मेरठ, सरधना समेत आदि स्थानों पर होती थी। पुलिस ने फैक्ट्री मालिक को हिरासत में ले लिया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी अजित सिंह ने बताया कि पिछले दिनों एसएमसी फूड लिमिटेड के मार्केंटिग इंटेलीजेंस आफिसर जितेंद्र राजपूत ने एसएसपी से शिकायत की थी कि मोदीनगर में नामचीन कंपनियों के देशी घी और मिल्क पाउडर में मिलावट हो रही है।
मंगलवार को खाद्य सुरक्षा अधिकारी अजित सिंह के नेतृत्व में टीम ने मोदी इंटर कॉलेज के सामने स्थित सुभाष बाजार में जीएमडी ट्रेडर्स पर छापा मारा। अधिकारी ने बताया कि मौके पर नामचीन कंपनियों के देशी घी और मिल्क पाउडर की रीपैकिंग करते हुए लोग मिले।
उन्होंने बताया कि फैक्ट्री मालिक सुनील कुमार नामचीन कंपनियों मधुसूधन, परम, मदर डेयरी, पारस आदि के देशी घी में अपना केमिकल युक्त घी मिलाकर दोबारा पैकिंग कर बेचते थे।
जानलेवा बीमारियों का खतरा
मिल्क पाउडर में भी मिलावट की जाती थी। मौके से मिला केमिकल जहरीला बताया गया है, जो धीरे-धीरे कैंसर, लीवर, सांस आदि बीमारियां पैदा करता है। इसके बाद नामचीन कंपनियों के रैपर, डिब्बे, कढ़ाई आदि घी बनाने के उपकरण मिले हैं।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि जांच के बाद टीम ने करीब ढाई लाख रुपये कीमत का माल सीज कर दिया है। मिल्क पाउडर, देशी घी और रिफाइंड के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। आरोपी सुनील हॉलसेल का काम करता है।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार का कहना है कि फैक्ट्री मालिक सुनील कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ चल रही है। उधर, फैक्ट्री मालिक सुनील कुमार का कहना है कि वह कोई रीपैकिंग नहीं करते हैं।