बालक की हत्या के मामले में बुधवार रात करीब 10 बजे तब हड़कंप मच गया, जब कुछ लोगों ने उसकी कब्र खोदने की कोशिश की। ग्रामीणों का दावा है कि बाइक सवार 10-12 लोग थे, जो गांववालों को देखकर भाग गए।
हंगामे की सूचना पर एसडीएम और सीओ दल-बल के साथ पहुंचे। भोजपुर समेत कई थानों की पुलिस देर रात तक वहां डेरा डाले हुई थी। बृहस्पतिवार को मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पोस्टमार्टम के लिए बालक का शव कब्र से निकाला जाएगा।
इसकी पुष्टि करते हुए सीओ ने बताया कि इस दौरान वीडियोग्राफी कराई जाएगी। दूसरी तरफ, नामजद लोगों के समर्थन में ग्रामीणों ने बुधवार को तहसील पर प्रदर्शन कर सीओ को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने सीओ को बताया कि बालक की मौत के लिए नामजद लोग जिम्मेदार नहीं है।
बालक के साथ उसके परिजनों ने ही मारपीट की थी, जिससे उसकी मौत हुई है। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। इस मौके पर इमरान, मोमीन, सलीम, इलियास, साजिद आदि मौजूद रहे। सीओ राजेश सिंह ने एसओ भोजपुर को मामले की गहनता से जांच करने के निर्देश दिए हैं।
बता दें कि मंगलवार को भोजपुर थाने में भोजपुर गांव निवासी मंजूर ने उसके 11 साल के बेटे सामिर खान की हत्या करने का आरोप लगाते हुए तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि नामजदों ने उसके बेटे की पीटकर हत्या की है। आरोपियों के डर से परिजनों ने शव दफना दिया था।