राजनगर फ्लाईओवर पर उत्तराखंड रोडवेज की बस की चपेट में आकर बाइक सवार एक सेल्स एग्जीक्यूटिव की मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से जख्मी हो गया। सिहानी गेट पुलिस ने बस को कब्जे में लेकर आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया है।
मृतक अमन सिंह (22) पुत्र राजेश्वर सिंह निवासी जीडीए फ्लैट इंदिरा कुंज अर्थला साहिबाबाद था। वह मूलरूप से हरदोई का रहने वाला था और रिलायंस जियो सिम को एक्टिव करने वाली कंपनी कुटुम्भ केयर नोएडा सेक्टर-2 में सेल्स एग्जीक्यूटिव था।
हादसे में गंभीर रूप से घायल राहुल (21) पुत्र जय प्रकाश निवासी सेवा नगर फर्स्ट गाजियाबाद को यशोदा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वह भी अमन के साथ ही सेल्स एग्जीक्यूटिव है। दोनों बृहस्पतिवार को बाइक पर नोएडा से गाजियाबाद के पटेल नगर में कंपनी के काम से आए थे।
दोपहर करीब साढ़े 12 बजे पटेल नगर से क्रॉसिंग्स रिपब्लिक के लिए बाइक से जा रहे थे तभी सिहानी गेट के सामने बने राजनगर फ्लाईओवर पर दिल्ली से उत्तराखंड जा रही उत्तराखंड डिपो की बस के चालक ने लापरवाही और तेज गति से बस चलाकर उनकी बाइक में टक्कर मारकर उन्हें रौंद दिया।
बाइक क्षतिग्रस्त हो गई और उसे चला रहे अमन का हेलमेट टूटकर चकनाचूर हो गया, जिस कारण उसका सिर कुचला गया। बाइक पर पीछे बैठे राहुल के हाथ और पैर में चोटें आई हैं। हादसे के बाद मौके पर जीओ के सिम बिखर गए।
करीब 15 मिनट बाद राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस दोनों घायलों को यशोदा अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने अमन को मृत घोषित कर दिया। दूसरी तरफ, हादसे के बाद बस लेकर भाग रहे चालक को लैपर्ड पुलिस ने एसएसपी ऑफिस के पास जाकर दबोच लिया।
बस में बैठीं करीब 15 सवारियां बस से उतर गईं। इस संबंध में सिहानी गेट एसएचओ अवनीश गौतम ने बताया कि अमन के पिता राजेश्वर की तहरीर पर आरोपी चालक रईस अहमद निवासी काशीपुर, ऊधम सिंह नगर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
एक घंटे लगा जाम, एंबुलेंस भी फंसी
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया हादसे के बाद दोनों युवक काफी देर सड़क पर पड़े रहे। इस दौरान भीड़ लग गई। आते-जाते वाहन रुक गए, जिससे लंबा जाम लगा गया। करीब एक घंटे तक हापुड़ रोड पर जाम लगा रहा। जाम में एक एंबुलेंस भी करीब 15 मिनट तक फंस रही। युवकों को अस्पताल ले जाए जाने के बाद यातायात सामान्य हुआ।
लोकल हेलमेट नहीं बचा पाया जान
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अमन ने हेलमेट लगा रखा था लेकिन हेलमेट किसी लोकल कंपनी का था। हेलमेट अगर बढ़िया क्वालिटी का होता तो अमन की जान बच सकती थी।