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बजरिया की बदनाम गलियां

Wed, 22 Mar 2017 12:57 AM IST
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
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क्राइम - फोटो : अमर उजाला
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पुलिस के दो होटलों पर छापे और 51 जोड़ों के पकड़े जाने की खबर ने बजरिया इलाके को चर्चा में ला दिया है। कहने को तो इसका नाम सिखों के दसवें गुरु श्री गोविंद सिंह मार्ग के नाम से है। लेकिन यहां के व्यापारी उजड़ने की कगार पर पहुंच गए हैं। पुलिस और नेताओं के गठजोड़ ने इलाके के इज्जतदार लोगों के व्यापार ठप करा दिए हैं।

रहने वालों को पलायन या घर में सिमट कर दर्द और सिसकियों में डुबो दिया है। बजरिया का हाल जाना संवाददाता प्रभात ने कभी शहर की नाक कहा जाने वाला बजरिया खुशगवार दुकानों और मिली जुली आबादी के चलते गंगा-जमुनी तहजीब के लिए पहचाना जाता था। गुजरे पांच सालों में गुंडागर्दी इस कदर बढ़ी की इलाका देह व्यापार का अड्डा बनकर रह गया।
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बदगुमानी का आलम ये कि बड़ी आबादी यहां से पलायन को विवश हो गई। यहां के कुछ होटलों में चल रहे देह व्यापार के धंधे को स्थानीय सपा नेता के समर्थन और पुलिस की छत्रछाया ने बदनाम करके रखे दिया। बेगैरत हरकतों और शोहदों ने  बजरिया को सम्मानित और सरमाएदारों के लिए नरक में तब्दील कर दिया।

लोगों का आरोप है कि सपा सरकार में पुलिस की शह पर यह व्यापार फला फूला है। अब योगी के डंडे पर कार्रवाई हुई है। बजरिया के होटलों और देह व्यापार के धंधे ने स्थानीय लोगों और दुकानदारों का जीना मुहाल कर रखा है। लोगों का कहना है पुलिस आज जिन होटलों में छापेमारी कर रही है, कल तक वहां की सुरक्षा के लिए मुस्तैद रहती थी।

आलम यह था कि होटलों में सुबह नौ बजे से ही जोड़ों की लाइन लग जाती थी। सैकड़ों जोड़े प्रतिदिन आते थे। छापा दो होटलों में पड़ा लेकिन इलाके के बाकी होटलों का भी यही हाल है।

इनमें आने वाले मनचले और असामाजिक तत्व शराब के नशे में धुत होकर आसपास रहने वाली बहन, बेटियों से छेड़छाड़ और बदसलूकी करने में भी कोताही नहीं बरतते, जिसके चलते यहां से दर्जनों परिवारों ने पलायन कर लिया।

लोगों की जुबानी
रोड का नाम महान गुरुओं के नाम पर है पुलिस और नेता के गठजोड़ ने नैतिकता को तार-तार करके रख दिया। बजरिया के होटलों में चल रहे देह व्यापार का धंधा पांच साल में बढ़ता चला गया। लोगों ने इसका कई बार विरोध किया। इस संबंध में धरने-प्रदर्शन किए गए।

पुलिस प्रशासन से भी शिकायत की गई, मगर सपा सरकार में अपना रसूख रखने वाले इन होटल मालिकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। होटलों में चल रहे इन धंधों ने बजरिया का नाम बदनाम कर दिया। हालत यह है कि व्यापारी वर्ग और कुछ परिवार यहां से पलायन कर गए।

लेकिन सोमवार को हुई कार्रवाई से लोगों को कार्रवाई की उम्मीद जगी है।    एसपी सिंह ओबराय, महामंत्री गुरुद्वारा सिंह सभा

होटलों के गंदे कारोबार ने यहां के लोगों को खून के आंसू रोने को मजबूर कर दिया। हालत यह है कि कभी क्राकरी, नमकीन,जूते-चप्पल और फोटो फ्रेम की एक से एक बढ़कर दुकानों के लिए जाना जाता था। अब सभ्य लोग इधर का रुख नहीं करते लिहाजा बिजनेस ठप है और हम भी अपना सभी काम छोड़कर बहन, बेटियों को खुद स्कू ल लाने और छोड़ने जाते हैं।

रास्ते में सड़क पर कब छेड़छाड़ हो जाए पता नहीं। ऐसा माहौल देखकर एक पिता या भाई किस दौर से गुजर रहा है। इसका अंदाजा खुद लगाया जा सकता है।
  रितेश कसाना, व्यापारी  

 यहां का माहौल इतना खराब है कि हमारे रिश्तेदारों और दोस्तों ने आना छोड़ दिया है। कई बार यहां से गुजरने के दौरान नशे में धुत मनचले बदसलूकी कर चुके हैं। वहीं मोहल्ले की लड़कियों और महिलाओं को भी देखकर अश्लील फब्तियां कसते हैं।    -हरदीप सिंह, स्टूडेंट

 अधिकारी भी वहीं प्रशासन भी वहीं होटल भी वहीं हम पांच साल से गुहार लगाते रहे। जिलाधिकारी तक से शिकायत की लेकिन बात नहीं बनी अब निज़ाम बदलते ही कार्रवाई कैसे हो गई। लगता है शायद दिन बदलें और बजरिया अपने ऐतिहासिक स्वरूप में फिर से दिखे। एसएसपी साहब ने अच्छा काम किया। -जीत सिंह राणा अध्यक्ष बजरिया व्यापार मंडल

 पलायन करने वालों की सुनें
पिछले कई सालों से बजरिया में रह रहे थे। यहां का माहौल खराब हो गया है। हमारे बच्चे बड़े हो गए हैं। बच्चों पर ऐसे माहौल का असर न हो इसी के चलते करीब दो साल पहले पलायन कर दिया। यहां से मजबूरन अपने करीबी और मित्रों का साथ छोड़ना पड़ा।

होटलों में चल रहे इस व्यापार के खिलाफ पुलिस  प्रशासन की ओर से लगातार कार्रवाई होती रहनी चाहिए। -कन्हैया लाल, पूर्व आरडब्ल्यूए अध्यक्ष बजरिया होटल आर्यदीप के सामने करीब करीब 28 साल से रह रहे थे। हमारा बचपन और यादें यहीं से जुड़ी हैं। आसपास के होटलों में चल रहे गंदे कारोबार ने यहां का माहौल खराब कर दिया।

बच्चे बडे़ हो गए है। उन पर इसका कोई प्रभाव न पड़े इसकी के चलते घर बेचकर शिफ्ट हो गए। -मनोज गुप्ता, व्यापारी

दोबारा सपा की सरकार आती तो बंद हो जाता बाजार
 समाजवादी पार्टी के कार्यकाल में फले फूले देह व्यापार ने व्यापारियों का कारोबार भी चौपट कर दिया है। व्यापारियों का कहना है कि यहां के लोगों ने भाजपा को एकतरफा वोट दिया है। अगर दोबारा से सपा की सरकार प्रदेश में आती तो यहां का बाजार ही बंद हो जाता।
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कार्रवाई के बाद भी कई होटलों में चल रहा है धंधा
सोमवार को एसएसपी द्वारा स्पेशल टीम गठित कर की गई कार्रवाई के बाद भी बजरिया के कुछ होटल मालिक अब भी बेधड़क से धंधा कर रहे हैं। इस कार्रवाई का उन पर कोई असर नहीं पड़ रहा है।
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