एसटीएफ के हत्थे चढ़े अशोक पहलवान से पूछताछ में कई और खुलासे हुए हैं। फरारी के बाद से यह गुड़गांव में छिप कर रह रहा था। मंगलवार को मेरठ में जब इसे पकड़ा गया, तब यह परिवार के साथ उत्तराखंड से पिकनिक मना कर लौट रहा था। इसके पास से चार मोबाइल फोन मिले हैं।
रात में तबीयत बिगड़ने पर इसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।मसूरी थाना क्षेत्र के कुडियागढ़ी निवासी अशोक पहलवान मसूरी थाने का हिस्ट्रीशीटर 79ए है। इस पर मसूरी, कविनगर, नगर कोतवाली गाजियाबाद, साहिबाबाद, दिल्ली और मथुरा में हत्या, लूट, अपहरण और जानलेवा हमले आदि के 28 केस दर्ज हैं।
1997 में इसने एक युवक का अपहरण कर उसकी कर दी थी, जिसमें इसे आजीवन कारावास की सजा हुई थी। इसके बाद से यह लगातार आपराधिक वारदातों में शामिल रहा है। नवंबर 2008 में सदरपुर में हुए प्रॉपर्टी डीलर और उसके दो गनर केमर्डर के बाद से पुलिस इसके पीछे लगी थी।
19 जून 2011 को अशोक दिल्ली एम्स के बाथरूम से चार पुलिसकर्मियों को गच्चा देकर फरार हो गया था। यह एम्स में मोतियाबिंद का इलाज कराने के लिए भर्ती हुआ था। इसकी पहली पत्नी की भी हत्या हो चुकी है, उसकी हत्या में भी इसी पर संदेह जताया गया था।
बाद में इसने नेपाली लड़की से शादी कर ली थी, जिससे दो बच्चे हैं। जेल अधीक्षक एसपी यादव ने बताया कि अशोक पहलवान को जेल भेजा गया था, लेकिन उसकी किडनी में समस्या के चलते उसे अस्पताल भेज दिया गया है।