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आर्ची केस में नया मोड़, आरडब्ल्यूए के दो पदाधिकारी गिरफ्तार

Tue, 21 Feb 2017 12:15 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला /साहिबाबाद
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आर्ची यादव - फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल प्रदेश से आर्ची की बरामदगी के बाद परिजनों ने रविवार को खुलासा किया था कि दो महिलाओं ने आर्ची का अपहरण किया था। लिहाजा पुलिस पर अपहर्ताओं को ढूंढने की जिम्मेदारी आ गई है, लेकिन सोमवार को इस जिम्मेदारी को दरकिनार करते हुए पुलिस ने इस केस की दिशा ही मोड़ दी।
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पुलिस ने आरडब्ल्यूए के दो पदाधिकारियों की गिरफ्तार कर लिया है। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने 13 फरवरी की रात थाने पर हंगामे के बाद शक्तिखंड की झुग्गियों में आग लगा दी थी। 

पुलिस की इस कार्रवाई को आर्ची के परिजनों ने अनुचित ठहराते हुए कहा कि इसका विरोध किया जाएगा। इस विरोध में आरडब्ल्यूए के लोग भी शामिल होंगे। लोगों का कहना है कि सभी लोग सुबह नौ बजे सेंट्रल पार्क में इकठ्ठा होंगे, जिसके बाद कोर्ट के लिए रवाना होंगे।
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उनका कहना है कि पुलिस मामले की सही से जांच करने की बजाए मामले को भटकाने में लगी है। आर्ची को ढूंढने की मांग कर रहे लोगों को निशाना बनाकर उनको झूठे मामले में गिरफ्तार कर रही है।

इसके विरोध में आंदोलन भी छेड़ना पड़े तो लोग पीछे नहीं हटेंगे। बता दें कि सीए सुभाष यादव की 12 वर्षीय बेटी आर्ची 13 फरवरी को इंदिरापुरम मे शक्ति खंड से संदिग्ध हालात में गायब हो गई थी। 17 फरवरी को आर्ची हिमाचल प्रदेश के पालमपुर में बस अड्डे पर पुलिस को अकेली मिली थी।

19 फरवरी को आर्ची ने पत्रकारों से आपबीती सुनाई थी, जिसमें कहा था कि दो महिलाओं ने उसे बेहोश कर उसका अपहरण किया था। पुलिस ने बताया कि शक्ति खंड स्थित झुग्गियों में आग लगाने की शिकायत झुग्गी में रहने वाली साईद खातून ने थाना इंदिरापुरम में की थी।

पुलिस को मौके से एक बाइक बरामद हुई थी। सीओ अनिल यादव ने बताया कि पुलिस की जांच में वसुंधरा सेक्टर-4 निवासी रवि प्रकाश त्रिपाठी और न्याय खंड निवासी राजेंद्र पाठक का नाम सामने आया। रवि त्रिपाठी को रविवार रात और राजेंद्र पाठक को सोमवार दोपहर गिरफ्तार कर लिया गया। 
                                       
पुलिस ने राजेंद्र पाठक को बुलाकर गिरफ्तार किया                                     
राजेंद्र पाठक सोमवार दोपहर करीब साढ़े बारह बजे किसी काम से नोएडा जा रहे थे। इस दौरान उनके पास कनावनी चौकी प्रभारी राजीव बालियान की कॉल आई और उन्हें चौकी बुलाया।

राजेंद्र पाठक नोएडा न जाकर पुलिस चौकी पहुंच गए, जहां चौकी इंचार्ज राजीव बालियान ने उनके खिलाफ शक्ति खंड- तीन की झुग्गियों में आग लगाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया और थाना इंदिरापुरम ले आए। वहां उनकी पत्नी और आर्ची के परिवार वाले भी पीछे से पहुंचे।                               

आर्ची के परिजनों का कहना है कि झूठे आरोप में पुलिस दोनों को फंसा रही है                                     
आर्ची के पिता सुभाष यादव ने बताया कि प्रदर्शन के बाद राजेंद्र पाठक उनके व पुलिस अधिकारियों के साथ थे। सभी मिलकर कालोनी के आसपास बच्ची की तलाश कर रहे थे, ऐसे में उन्होंने झुग्गियों में आग कब लगा दी।

पुलिस उन्हें फंसाने के लिए यह कर रही है। वे लोग इसका विरोध करेंगे। राजेंद्र पाठक उनके परिवार के करीबियों में से हैं। उन पर दबाव बनाने के लिए पुलिस यह काम कर रही है। उनका कहना है कि पुलिस अपहरण करने वाली महिलाओं को ढूंढने की बजाए हमारी मदद करने वाले लोगों को फंसा रही है। पुलिस केस को भटका रही है।                                     
 पुलिस का कहना                                      
चौकी इंचार्ज राजीव बालियान ने बताया कि 13 फरवरी को शक्ति खंड- तीन की दो झुग्गियों में आगजनी के बाद वहां से एक मोटरसाइकिल बरामद हुई थी। पुलिस ने मोटरसाइकिल कब्जे में लेकर जांच की, तो वह वसुंधरा सेक्टर-4 निवासी रवि प्रकाश त्रिपाठी के नाम पर थी।

रवि प्रकाश त्रिपाठी से पूछताछ की गई, तो उन्होंने बताया कि राजेंद्र पाठक के बुलाने पर वह आग बुझाने गए थे। पुलिस जांच में आया कि वह आग बुझाने नहीं बल्कि आग लगाने गए थे, इसलिए उन्हें रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया।                          

पुलिस ने नहीं लिया आर्ची का बयान                         
शक्ति खंड-3 से एक सप्ताह पहले लापता हुई छठी कक्षा की छात्रा शनिवार रात घर पहुंच गई लेकिन पुलिस ने अभी तक उसके बयान दर्ज नहीं किए हैं। सीओ इंदिरापुरम ने बताया कि हिमाचल प्रदेश के पालमपुर में जब आर्ची मिली है तब से वह कई बार बयान बदल चुकी है।

संभवत: घबराहट के कारण वह ऐसा कर रही है। उसके पूरी तरह सामान्य हो जाने पर इंदिरापुरम पुलिस उसका बयान दर्ज करेगी। इसके बाद ही मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज किया जाएगा। 
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