एबीईएस इंजीनियरिंग कॉलेज में बीटेक फोर्थ ईयर की छात्रा की मौत के मामले में पुलिस को पता चला कि स्टूडेंट का फेसबुक अकाउंट देर रात तक ऑनलाइन था। पुलिस मामले को संदिग्ध मानकर जांच कर रही है। हालांकि पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
मृतका अलका के साथी स्टूडेंट्स ने बताया कि वह इलेक्ट्रॉनिक एंड कम्यूनिकेशन के फोर्थ ईयर की छात्रा थी। वह कॉलेज में हॉस्टल के कमरे में रहती थी। वह पढ़ने में अच्छी थी और उसकी हाल ही में टेक महेंद्रा कंपनी में प्लेसमेंट हुआ था।
उन्होंने बताया कि मंगलवार रात वह करीब नौ बजे अपने कमरे में गई। इसके बाद रात करीब साढ़े दस बजे होने वाली अटेंडेंस में वह नहीं पहुंची तो स्टाफ और कुछ स्टूडेंट उसके रूम पर पहुंचे। जहां दरवाजा अंदर से बंद था। इसके बाद उन्होंने खिड़की से झांक कर देखा तो वह पंखे से लटकी हुई थी। उन्होंने गेट तोड़ कर उसे नीचे उतारा और पुलिस को सूचना दी।
वहीं, एसएचओ नीरज कुमार का कहना है कि पूछताछ के दौरान स्टूडेंट्स ने बताया कि देर रात तक अलका फेसबुक पर ऑनलाइन दिखती रही थी, लेकिन जब पुलिस ने उसका फेसबुक अकाउंट देखा तो वह किसी ने डिएक्टिवेट कर दिया।
इससे पुलिस को अलका का मर्डर किए जाने का शक है। एसएचओ का कहना है कि पुलिस मामले की सभी एंगल से जांच कर रही है। इसके लिए पुलिस ने अलका का मोबाइल और लैपटॉप भी कब्जे में लिया है।
उल्टे हाथ की कलाई पर मिले खून के निशान
एसएचओ ने बताया कि अलका के उल्टे हाथ की कलाई पर खून के निशान मिले हैं। साथ ही बताया कि फांसी के बाद गर्दन की पीछे हड्डी बाहर निकली हुई मिली है। इस पर पुलिस जांच कर रही है। पुलिस को जांच के दौरान अलका के कमरे से कुछ जले हुए कागज और माचिस भी मिली है।