तृप्ति मौत मामले में विजय नगर पुलिस ने दहेज हत्या का केस दर्ज कर आरोपी पति और देवर को गिरफ्तार कर लिया है। रिपोर्ट तृप्ति के पिता प्रदीप गुप्ता ने दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी को काफी समय से दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था।
करीब छह माह पहले तृप्ति ने इस संबंध में उन्हें बताया तो उन्होंने कूलर, टीवी, फ्रिज आदि की व्यवस्था करा दी थी। इसके बावजूद देवर आशु की नौकरी के लिए उस पर डेढ़ से दो लाख रुपये मायके से लाने का दबाव बनाया जा रहा था।
नहीं लाने पर उसे परेशान किया जा रहा था। रविवार रात उन्हें सूचना दी गई थी कि तृप्ति बालकनी से गिर गई है और कोलंबिया एशिया अस्पताल में भर्ती है। जब देर रात वह गाजियाबाद आए तो पता चला कि उसकी मौत हो गई है। उनका आरोप है कि पति संदीप और देवर आशु ने तृप्ति को धक्का देकर गिराया होगा, जिससे उसकी मौत हुई है।
दूसरी तरफ, संदीप का कहना है कि आशु बीकॉम करने के बाद टैक्स प्रणाली सीख रहा है। वह इन्हीं के साथ फ्लैट में रहता है। तृप्ति उसे साथ रखना नहीं चाहती थी, इसे लेकर अक्सर उनमें कहासुनी होती थी।
रविवार रात भी इसी को लेकर दोनों में झगड़ा हुआ था और तृप्ति ने चौथी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। मामले की जांच सीओ प्रथम इंद्रपाल सिंह कर रहे हैं। उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टि की है।
बता दें कि रविवार रात क्रॉसिंग्स रिपब्लिक की पैरामाउंट सिम्फनी सोसायटी में रहस्यमय हालात में चौथी मंजिल से गिरकर तृप्ति (32) की मौत हो गई थी। वह कचहरी रोड एटा निवासी प्रदीप गुप्ता की बेटी थी।
20 फरवरी 2014 को उसकी शादी संदीप निवासी मिलक रामपुर से हुई थी। इनके करीब सवा साल की बेटी है मिष्ठी। संदीप नोएडा की एक कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं, उसके पिता का आढ़त का काम है जबकि प्रदीप गुप्ता का एटा में गन हाउस है।
‘देवर गलत नजर भी रखता था’
तृप्ति के बड़े भाई आकाश ने बताया कि तृप्ति चार भाई-बहनों में तीसरे नंबर की थी। उसने बीए किया हुआ था। आशु दिनभर घर में रहता था और तृप्ति पर गलत नजर भी रखता था। इसकी शिकायत तृप्ति ने उनसे की थी, जिसके बाद उन्होंने आशु को डांटा भी था। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद वह शव को एटा ले जा रहे हैं। मिष्ठी फिलहाल संदीप के परिवार के पास है।