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डासना जेल में जानलेवा हमला-Ghaziabad city

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डासना जेल में हत्यारोपी पर जानलेवा हमला!
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गाजियाबाद। यूपी की जेलों में सुरक्षा ताक पर है। बागपत की जेल में हाल ही में हुई कुख्यात मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद अब गाजियाबाद की डासना जेल में मंगलवार रात एक बंदी पर जानलेवा हमले का मामला सामने आया है। खोड़ा में हुई गजेंद्र भाटी की हत्या के मामले में जेल बंद शूटर राजकुमार उर्फ राजू पहलवान पर जेल अस्पताल से गमटी में ले जाकर जानलेवा हमला किया है। राजू के वकील ने अदालत में अर्जी देकर सुरक्षा की मांग और आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की है।
राजू पहलवान के वकील कुलदीप सिंह ने बताया कि बुधवार सुबह राजू की पत्नी उससे मिलने डासना जेल गई थी। जेल आरक्षियों ने उसे राजू से मिलने नहीं दिया। उसने बताया कि सोमवार से उसके पति की तबियत बिगड़ गई थी, जिसके चलते उसे जेल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसके बाद मंगलवार को वह पेशी पर अदालत में आया। इसके बाद वह शाम चार बजे जेल पहुंचा। इस बीच जब वह लौटने लगी तो उसे पता चला कि रात के समय उसके पति पर डिप्टी जेलर और आरक्षी रामकिशोर बघेल उसे अस्पताल से लेकर एक गमटी में पहुंचे, जहां अनुज, जाहिद और हिमांशु समेत अन्य लोगों ने उससे मारपीट की। इससे उसके सिर में चोट लग गई। राजू के वकील ने एडीजे-5 जगदीश प्रसाद की अदालत में अर्जी देकर राजू को बेहतर इलाज के एमएमजी में भर्ती कराने की मांग की है। इसके अलावा उन्होंने जेलर समेत सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने अर्जी में राजू की जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। इस पर अदालत ने एसएसपी और जेल अधीक्षक से एक रिपोर्ट बृहस्पतिवार तक देने के आदेश दिए है।
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आरोपी बोले, तेरी मौत का सामान आ चुका है
वकील कुलदीप सिंह के मुताबिक राजू पर जेल में हमला करने वाले लोगों ने उससे कहा कि मुन्ना बजरंगी की तरह तेरी भी हत्या कर देंगे और लाश को पैक कर भेज देंगे। जेल में तेरी मौत का सामान आ चुका है।

हत्या के मामले में है बंद
दो सितंबर को खोड़ा कालोनी में गजेंद्र भाटी की बाइक सवार बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। खोड़ा पुलिस इस केस में राजू पहलवान और नरेंद्र फौजी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस पूछताछ में दोनों ने बताया था कि उन्होंने अमरपाल के कहने पर ही गजेंद्र की हत्या की थी। इसके बाद ही साहिबाबाद के पूर्व विधायक अमरपाल शर्मा ने गिरफ्तारी से बचने के लिए कोर्ट में सरेंडर किया था।

वर्जन
जिला शासकीय अधिवक्ता संदीप डबास का कहना है कि बुधवार शाम चार बजे जेल अधीक्षक दधीराम मौर्य ने मामले में अपनी रिपोर्ट कोर्ट में पेश कर दी है। उन्होंने रिपोर्ट में लिखा कि जेल में राजू पहलवान पर कोई हमला नहीं हुआ है, बल्कि राजू ने ही कई बंदियों के साथ मारपीट की थी।
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हमले के आरोप निराधार: जेल प्रशासन
जेल अधीक्षक दधिराम मौर्य का कहना है कि राजू पहलवान उद्दंड किस्म का व्यक्ति है। वह अस्पताल में भर्ती था, लेकिन मंगलवार को पेशी के बाद अस्पताल की बजाय बैरक में चला गया। गिनती कम हुई तो उसे तलाशा गया। इस पर वह जेल स्टाफ से अभद्रता करने लगा। उसने जेल स्टाफ को मारने के लिए गमला उठा लिया। इस पर अन्य बंदियों से उसकी धक्कामुक्की हो गई थी। हमले का आरोप निराधार है। राजकुमार उर्फ राजू पहलवान के व्यवहार के संबंध में कोर्ट को अवगत कराने के लिए पहले भी प्रार्थना पत्र दिया गया था।
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