दोस्त ने की थी दिल्ली के ई-रिक्शा कारोबारी की हत्या
गाजियाबाद। दिल्ली के ई-रिक्शा कारोबारी राहुल सक्सेना की हत्या उसके एक दोस्त ने ही अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर की थी। गटर में डुबोकर हत्या करने के बाद बदमाश उसकी कार लूटकर भाग गए थे। मंगलवार रात करीब 10 बजे कविनगर पुलिस ने आधे घंटे चली मुठभेड़ के बाद तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया तो हत्या का खुलासा हुआ। पुलिस ने बदमाशों के पास से मृतक कारोबारी की लूटी गई कार और उसके नाम की चेकबुक समेत अन्य दस्तावेज भी बरामद कर लिए हैं। पुलिस बदमाशों से पूछताछ कर रही है।
ई-रिक्शा कारोबारी राहुल सक्सेना का अपहरण सात नवंबर को दिल्ली के रोहिणी से हुआ था। आठ नवंबर को बदमाशों ने उसके परिजनों को फोन कर 20 लाख की फिरौती मांगी। पिछले बृहस्पतिवार को राहुल सक्सेना का शव गाजियाबाद की मधुबन बापूधाम कालोनी के गटर से बरामद हुआ और शुक्रवार को उसकी शिनाख्त हो पाई थी। दिल्ली के सुल्तानपुरी थाने में उसके अपहरण की रिपोर्ट दर्ज है। एसपी सिटी आकाश तोमर ने बताया कि मंगलवार रात करीब 10 बजे सदरपुर रोड पर कविनगर पुलिस टीम और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ के बाद तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। उनसे बरामद कार को ट्रेस किया गया तो मामले का खुलासा हुआ। कार से राहुल सक्सेना के नाम की चेकबुक मिलने पर बदमाशों से सख्ती से पूछताछ की गई तो उन्होंने कारोबारी की हत्या की बात कुबूल की। पकड़े गए बदमाश रोहिणी निवासी शीलू, उसके दोस्त आकाश और बिजेेंद्र निवासी बदायूं है। बिजेंद्र भी फिलहाल रोहिणी में रहता है। एसपी सिटी के मुताबिक बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन में ठेकेदारी करने वाले शीलू और राहुल सक्सेना की पहले से जान-पहचान थी। शीलू की एक महिला से दोस्ती थी। बाद में उसके संबंध राहुल से भी हो गए। इससे शीलू चिढ़ता था। इसी वजह से उसने उसकी हत्या करने की प्लानिंग की और अपहरण कर गटर में डुबाकर उसे मार डाला।
गुमराह करने के लिए मांगी थी फिरौती
एसपी सिटी ने बताया कि शीलू ने परिजनों और पुलिस को गुमराह करने के लिए पहले 20 लाख की फिरौती की डिमांड की। नौ नवंबर को उसने दोबारा कॉल कर फिरौती की रकम का इंतजाम न होने पर 10 बीघा जमीन देने की बात कही। इसी से दिल्ली पुलिस को भी शक हो गया था कि मामला फिरौती का नहीं है और बदमाश भी पेशेवर नहीं है।
बदमाशों की गिरफ्तारी की पुलिसिया थ्योरी
एसपी सिटी आकाश तोमर ने बताया कि मंगलवार रात कविनगर एसओ को गोविंदपुरम के पास सदरपुर रोड पर एक बिना नंबर की कार घूमने की सूचना मिली थी। पुलिस टीम के साथ वह सदरपुर रोड पर पहुंचे तो कार आती दिखाई दी। कार चालक को रुकने का इशारा किया गया तो चालक ने कार खेतों की ओर मोड़ दी। पुलिस ने पीछा किया तो बदमाशों ने कार एक संकरी सड़क पर मोड़ दी और पुलिस पर फायर कर दिया। आगे जाकर कार कच्चे रास्ते पर फंस गई और बदमाश भागने लगे। खेत खुले होने से बदमाश छिप नहीं पाए और दोनों ओर से कई राउंड फायरिंग के बाद बदमाशों को दबोच लिया गया। इनके पास से तीन तमंचे भी मिले हैं।
क्रेडिट लेने के लिए तो नहीं की मुठभेड़!
बदमाशों और पुलिस के बीच मुठभेड़ पर सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों की मानें तो बदमाश पहले से पुलिस के हत्थे चढ़ गए थे। क्रेडिट लेने के लिए मुठभेड़ दर्शाई गई। मुठभेड़ पर सवाल इसलिए भी खड़े हो रहे हैं कि पुलिस बदमाशों से बातचीत करने से मीडिया को रोकती रही। यही नहीं दोनों तरफ से कई राउंड फायरिंग होने के बावजूद न तो पुलिस और न ही बदमाशों को खरोंच तक नहीं आई। जबकि वहां घुप अंधेरा था। आसपास के लोगों ने भी पुलिस की गाड़ियों को बदमाशों का पीछा करते हुए नहीं देखा। ऐसे में पुलिस की मुठभेड़ की थ्योरी पर सवाल खड़े हो रहे हैं।