रावली रोड पर इंदिरापुरी कालोनी में 15 नकाबपोश बदमाशों ने स्क्रैप कारोबारी शाहिद अहमद के परिवार को बंधक बनाकर डाका डाला और 40 लाख के डायमंड-सोने के जेवर व नगदी, स्कूटी-बाइक और तीन मोबाइल लूटकर फरार हो गए।
दूसरी तरफ, पुलिस ने चोरी में रिपोर्ट दर्ज कर मामले को दबाने की कोशिश की, जिस पर लोगों ने थाने में जमकर हंगामा किया। डकैती में रिपोर्ट तरमीम होने और दरोगा के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन पर लोग शांत हुए।
शाहिद अहमद की नोएडा में स्क्रैप की फैक्ट्री है। वह परिवार के साथ इंदिरापुरी कालोनी में रहते हैं। परिवार में पत्नी रेशमा, पुत्र दानिश, अब्दुल वाजिद और पुत्रवधू गुलिस्तां हैं। रविवार रात करीब ढाई बजे छत के रास्ते करीब 15 नकाबपोश हथियारबंद बदमाश मकान में दाखिल हुए।
बदमाशों ने पहले दानिश और गुलिस्तां को गन प्वाइंट पर ले लिया। इसके बाद अब्दुल वाजिद, रेशमा और शाहिद पर तमंचे-पिस्टल तान दिए। अलमारी तोड़कर 24 लाख के सोने के जेवरात, छह लाख कीमत के दो डायमंड सेट, 7.50 लाख रुपये, स्कूटी, बाइक, तीन मोबाइल, सीसीटीवी की डीवीआर और अन्य सामान लूट लिया।
विरोध करने पर बदमाशों ने उनके साथ मारपीट की और कपड़ों से हाथ-पैर बांध दिए। बदमाशों के जाने के बाद किसी तरफ बंधक मुक्त होकर परिवार वालों ने शोर मचाया और पुलिस को सूचना दी।
वारदात से क्षेत्र में हड़कंप मचा है। एसएसपी दीपक कुमार का कहना है कि वारदात में किसी परिचित की भूमिका प्रतीत हो रही है। जल्द ही खुलासा कर दिया जाएगा।
सवा दो घंटे तक घर में रहे लुटेरे, बिरयानी भी खाई
स्क्रैप कारोबारी के मकान में बदमाश रात करीब ढाई बजे से तड़के पौने पांच बजे तक रहे। इस दौरान बदमाशों ने रसोई में रखी बिरयानी गर्म करके खाई और उनकी पुत्रवधू को सौ रुपये देते हुए कहा कि घटना के बारे में किसी को न बताए, वे बाद में फिर आएंगे। वारदात से कारोबारी का परिवार सहमा हुआ है, जबकि लोगों में घटना के बाद से दहशत और पुलिस के खिलाफ गुस्सा है।
उधर, इस मामले में पुलिस की भी घोर लापरवाही सामने आई है। बदमाशों के जाने के बाद पीड़ितों ने पुलिस कंट्रोल रूम में कई बार सूचना दी। बावजूद इसके मौके पर समय से पुलिस नहीं पहुंची। बदमाशों के जाने के बाद करीब पांच बजे कंट्रोल रूम को सूचना दे दी गई थी लेकिन पुलिस सुबह सात बजे के बाद पहुंची।
स्क्रैप कारोबारी शाहिद अहमद ने बताया कि अगर पुलिस 100 नंबर पर सूचना देते ही मौके पर पहुंच जाती और घेराबंदी शुरू कर देती तो बदमाश पकड़े जा सकते थे। इतना ही नहीं बाद में उनको रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए थाने से चौकी तक घुमाया जाता रहा।
घंटों बाद जब रिपोर्ट भी लिखी गई तो दरोगा रोशन सिंह ने बिना तहरीर लिए ही नकबजनी की धाराओं में खुद ही मामला दर्ज कर लिया ताकि मामले को दबाया जा सके। इससे गुस्साए लोगों ने जब थाने में जमकर हंगामा किया तो डकैती की धाराओं में मामला तरमीम किया गया। साथ ही एसएसपी ने आरोपी दरोगा के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।
बदमाशों को थी घर के चप्पे-चप्पे की जानकारी
कारोबारी शाहिद अहमद ने बताया कि एक बदमाश ने उनका गला तक दबाने को कहा था लेकिन दूसरे बदमाश ने कहा कि आप अच्छे लोग हैं, चुपचाप बैठ जाओ। पुलिस छानबीन में पता चला है कि बदमाशों को घर के चप्पे-चप्पे के बारे में जानकारी थी।
कहां सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और कहां जेवर और नगदी रखे हैं। बदमाशों के इसी रवैये और नकाबपोश होने के कारण पुलिस वारदात में किसी करीबी या परिचित का हाथ मान रही है। एसएसपी ने तीन पुलिस टीमें लुटेरों की तलाश में लगाई हैं। साथ ही एसपी रूरल को इस मामले की मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं।
घर से एक किलोमीटर दूर खड़ी मिली स्कूटी
वारदात स्थल से करीब एक किलोमीटर दूर लूटी गई स्कूटी बरामद हो गई। इससे लग रहा है कि बदमाश रावली रोड पुलिस चौकी से होकर निकले होंगे, मगर चौकी पर लगे सीसीटीवी कैमरे खराब होने के कारण बदमाशों की फुटेज नहीं मिल पाई है।