लोहा कारोबारियों ने नहीं दिखाई 185 करोड़ की आय
गाजियाबाद। लोहा कारोबारियों पर आयकर विभाग की कार्रवाई के बाद अभी तक की जांच में करीब 185 करोड़ की एक अघोषित आय का पता चला है। 36 घंटे से अधिक तक चली कार्रवाई से पौने तीन करोड़ रुपये की नकदी व एक किलो सोना भी मिला है। सीज किए गए बैंक लॉकर्स में से अभी सात को खोला जाना बाकी है, जिनमें बड़ी मात्रा में गोल्ड व ज्वेलरी मिलने की संभावना है। जब्त किए गए बैंक खातों, स्टॉक रजिस्टर, लेजर बुक व बिलों का ऑडिट किया जा रहा है। शुरूआती ऑडिट से पता चला है कि लोहा कारोबारी बीते 10 वर्षों से टैक्स चोरी कर रहा था।
आयकर विभाग की इंवेस्टिगेशन विंग कार्रवाई को बेहद सफल मान रही है। उम्मीद से कहीं ज्यादा की टैक्स चोरी पकड़ में आई है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अभी रिकार्ड के आधार पर जांच जारी है। पूरा ऑडिट होगा और उसके बाद संबंधित पार्टियों को पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा, लेकिन इतना साफ है कि कुल अघोषित आय 200 करोड़ रुपये से भी ऊपर जा सकती है। क्योंकि फर्जी बिल के आधार पर खरीद दिखाकर टैक्स चोरी करने का मामला अभी तक सामने नहीं आया था। बैंक लॉकर्स खुलने पर काफी कुछ मिलने की संभावना है।
रुपये खपाने के लिए खड़ी कर दी गई कंपनियां
दस्तावेजों से पता चलता है कि कुछ कंपनियां पीएस इंटरप्राइजेज के मालिक दिनेश गर्ग व दीपक गर्ग ने अपने काली कमाई को ठिकाने लगाने के लिए खड़ी की। जैसे नोएडा सेक्टर-44 में पीएस ट्रांसपोर्ट कंपनी अपने साढू प्रदीप गुप्ता के नाम पर खड़ी की। इसी ट्रांसपोर्ट कंपनी के नाम पर पीएस इंटरप्राइज द्वारा भेजे जा रहे माल के बिल काटे जाते थे, जबकि वास्तविकता में माल सप्लाई नहीं होता। आयकर सूत्रों का कहना है कि अभी तक जांच में बड़ी संख्या में ऐसे बिल मिले हैं, जिन पर अंकित पतों पर कोई सामान पहुंचा ही नहीं है। उधर, पन्ना लाल एंड कंपनी के मालिक आदित्य गर्ग के ठिकाने से अभी तक बड़ी संख्या में फर्जी खरीद बिल मिले हैं।
आयकर को मिला 1.14 करोड़ का सरप्राइज गिफ्ट
सोमवार सुबह आयकर विभाग की 13 टीमों ने गाजियाबाद व नोएडा में छापामारी की थी। इसी बीच मंगलवार सुबह करीब 10 बजे आयकर टीम को खुफिया जानकारी मिली कि करोड़ों रुपया कवि नगर लोहा मंडी से दिल्ली ले जाया जा रहा है। आयकर टीम ने प्रधान आयकर निदेशक (जांच) अमरेंद्र कुमार को जानकारी देकर वारंट जारी कराए। इसके बाद खुफिया जानकारी पर लोहा मंडी से निकली मारुति की ईको कार को रोक लिया, जिसमें 1.14 करोड़ रुपये की नकदी मिली। वहीं, कार से पकड़े गए दो युवकों ने नकदी लोहा मंडी स्थित वैष्णो स्टील की बताई। इसके बाद वैष्णो स्टील के ठिकानों पर छापा मारा गया, जिसके दफ्तर से कोई बड़ी नकदी नहीं मिली, लेकिन रिकार्ड जब्त कर लिया गया। वहीं, वैष्णो स्टील के मालिक राकेश कुमार मित्तल ने पकड़ी गई धनराशि को अपना मानने से इंकार कर दिया है। पकड़े गए दोनों युवक दिल्ली के निवासी हैं, जिनके बुधवार शाम को आयकर विभाग ने लिखित बयान दर्ज कराए।
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दशकों बाद लोहा मंडी में इतनी बड़ी कार्रवाई
लोहा मंडी में कार्रवाई करने किसी भी विभाग के लिए आसान नहीं रहा है। बीते वर्षों में छापा मारने गई टीमों के साथ मारपीट की तमाम वारदात हुई हैं। करीब डेढ़ वर्ष पहले पन्ना लाल एंड कंपनी के मालिक आदित्य गर्ग के खिलाफ थाना कवि नगर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। क्योंकि उन पर आरोप था कि छापा मारने गई एक्साइज टीम के साथ मारपीट की थी। ऐसे में आयकर ने फोर्स लगाकर लोहा मंडी से लेकर उनके घरों तक सफल कार्रवाई की है, जिसमें बड़ी टैक्स चोरी पकड़ी गई है।
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किसी कंपनी का कितने का कारोबार
पीएस इंटरप्राइजेज - करीब 500 करोड़
पन्ना लाल एंड कंपनी - 310 करोड़
नेशनल स्टील सप्लायर्स - 110 करोड़
पीएस ट्रांसपोर्ट - 7-12 करोड़
लक्ष्मी स्टील - 50-55 करोड़
हरी स्टील एंड क्रेन सर्विसेज - 55-60 करोड़
नोट - आयकर की शुरूआती जांच में कंपनियों की उक्त संपत्ति का पता चला है।
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कहां से कितना कैश मिला:
नेशनल स्टील (मालिक आनंद प्रकाश के घर से) 80 लाख
पीएस ट्रांसपोर्ट ( प्रदीप गुप्ता के नोएडा स्थित ठिकाने से) 40 लाख
अन्य कारोबारियों के घर व अन्य ठिकानों से कुल - करीब 40 लाख
लोहा मंडी में कार से ले ले जाया जा रहा था 1.14 करोड़