शहर में जाम लगने का एक कारण नगर निगम की ओर से लगाई गई ट्रैफिक लाइट्स का खराब होना भी है। बीओटी (बिल्ट ऑपरेट एंड ट्रांसफर) पैटर्न पर लगाई र्गइं अधिकांश ट्रैफिक सिग्नल खराब हैं और निगम अफसर भी इनकी सुध नहीं ले रहे।
जाम की समस्या से जूझ रहे शहर को निजात दिलाने के लिए बीते अक्टूबर महीने में एडीएम सिटी ने ट्रैफिक पुलिस, निगम समेत कई विभागों की बैठक बुलाई तो खराब ट्रैफिक सिग्नल का मुद्दा बैठक में भी गूंजा था। बावजूद इसके न ट्रैफिक सिग्नल ठीक हुए और न ही जाम से राहत मिली।
बीते साल डीएम निधि केसरवानी ने भी शहर के जाम पर चिंता जताई थी। उन्होंने जाम के कारण तलाशने और इसे खत्म कराने के लिए जिला प्रशासन के अफसरों की भी ड्यूटी लगाई थी। नगर निगम ने भी ट्रैफिक सिग्नल दुरुस्त कराने का दावा किया, लेकिन थोड़े ही दिन बाद यातायात व्यवस्था उसी पुराने ढर्रे पर लौट आई।
पूर्व में एसपी ट्रैफिक ने शहर में जाम लगने का प्रमुख कारण ट्रैफिक सिग्नलों का खराब होना बताया था। उन्होंने नगर निगम को खराब ट्रैफिक सिग्नल की सूची भेजकर उन्हें दुरुस्त कराने को भी कहा था, लेकिन हालात अभी भी वैसे ही हैं।
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यहां खराब हैं ट्रैफिक सिग्नल
घंटाघर जीटी रोड, विजयनगर थाना चौक, एनएच-24 प्रताप विहार क्रासिंग, भोपुरा चौक, साहिबाबाद साइट-फोर पुलिस चौकी के पास, बुद्ध चौक वसुंधरा, कनावनी पुलिया, पुष्पांजलि अस्पताल टी प्वाइंट, डाबर तिराहा, वेव सिनेमा तिराहा, वैशाली तिराहा, क्लब-5 लिंक रोड, प्रहलाद गढ़ी, मोहननगर चौराहा, नंदग्राम टी-प्वाइंट,
चौधरी मोड़, सेठ मुकुंदलाल कालेज चौक, यूपी गेट एनएच-24, सब्जी मंडी लिंक रोड, वसुंधरा चौराहा, आराधना सिनेमा टी-प्वाइंट जीटी रोड, शास्त्री नगर तिराहा, होटल कंट्री इन, रेलवे स्टेशन गाजियाबाद, मालीवाड़ा चौक
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अधिकारी बोले
नगर निगम को पूर्व में भी खराब ट्रैफिक सिग्नल की लिस्ट भेजी गई थी। सिग्नल लाइटें खराब होने की वजह से ट्रैफिक को मैनुअल चलाना पड़ता है और जाम लगता है। एक बार फिर निगम से खराब ट्रैफिक सिग्नल को ठीक कराने के लिए कहा गया है। - राजेश कुमार, एसपी ट्रैफिक
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ट्रैफिक सिग्नल को बीओटी पर दिया गया है। एक फर्म का कांट्रेक्ट खत्म हो गया है। फिलहाल इनका संचालन निगम का प्रकाश विभाग कर रहा है। जल्द ही नए सिरे से बीओटी कांट्रेक्ट देकर ट्रैफिक लाइट्स को संचालित कराया जाएगा। - अरुण कुमार गुप्त, उप नगर आयुक्त