क्राइम के बढ़ते ग्राफ को रोकने के लिए शासन स्तर पर तैयारी शुरू कर दी गई है। गाजियाबाद में नए थाने बनाने के लिए एसएसपी ने प्रस्तावित थानों की सूची मांगकर शहरी और देहात क्षेत्र में कुल 21 नए थाने बनाने की संस्तुति कर दी है। जल्द ही सभी थानों को मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
पिछले कुछ सालों में गाजियाबाद में तेजी से बढ़ी आबादी के साथ अपराध का ग्राफ भी बढ़ा है। वहीं, पुलिसकर्मियों की संख्या और थानों की संख्या बढ़ाने की मांग भी तेजी से उठी है। साल 2014 में ट्रांस हिंडन में खोड़ा और लोनी में ट्रॉनिका सिटी व लोनी बॉर्डर तीन नए थाने बनाए गए थे।
इसके बावजूद गाजियाबाद पूरे प्रदेश में क्राइम सिटी के रूप में जाना जाता है। अब सूबे में नई सरकार बनते ही गाजियाबाद के क्राइम को कम करने की कवायद भी तेजी से शुरू हो गई है। एसएसपी गाजियाबाद दीपक कुमार ने बताया कि बीती 29 मार्च को आईजी मेरठ की ओर से प्रस्तावित थानों की लिस्ट मांगी गई है।
शहर और देहात के कुल 21 और प्रस्तावित थानों की लिस्ट भेज दी गई है। शासन की ओर से मुहर लगते ही नए थाने बनाए जाएंगे।कुल प्रस्तावित 21 थानों में से 16 थाने शहरी क्षेत्र में और पांच ग्रामीण क्षेत्र में हैं।
सूत्रों की मानें तो पिछले कुछ सालों में शहरी क्षेत्र के थानों में इंदिरापुरम, साहिबाबाद, कविनगर और सिहानी गेट में चेन और मोबाइल लूट के अलावा लूटपाट की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं, जिन्हें कंट्रोल करने के लिए शहरी क्षेत्र में थाने बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
एसएसपी की ओर से साहिबाबाद थानाक्षेत्र में चार, इंदिरापुरम में तीन, विजयनगर में तीन, कविनगर में दो, सिहानीगेट में दो, कोतवाली में एक, लोनी में एक, खोड़ा में एक, मुरादनगर में दो और मोदीनगर क्षेत्र में दो नए थाने प्रस्तावित किए गए हैं।
थानों के साथ पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ाना चुनौती
नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के अनुसार पूरे भारत में प्रति लाख आबादी पर औसतन 138 पुलिसकर्मी तैनात हैं जबकि उत्तर प्रदेश में यह औसत सिर्फ 68 पुलिसकर्मी प्रति लाख हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में यह औसत और कम होकर सिर्फ 55 पुलिसकर्मी के आसपास रह जाता है।
2014 में लोनी और इंदिरापुरम में तीन अतिरिक्त थाने तो बढ़ाए गए मगर पुराने थाने के स्टॉफ से ही कुछ पुलिसकर्मियों को वहां तैनात कर दिया गया। नए स्टॉफ की नियुक्ति नहीं की गई। ऐसे में 21 नए थाने बनने के बाद पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ाना प्रदेश सरकार के लिए चुनौती होगी।
यहां बनेंगे नए थाने
नीतिखंड, वसुंधरा, कौशांबी, हिंडन पुल, हिंडन एयरफोर्स, शालीमार गार्डन, टीला मोड़, नेहरू गार्डन, प्रताप विहार, डूंडाहेड़ा, क्रॉसिंग रिपब्लिक, संजय नगर सेक्टर-23, बुलंदशहर रोड औद्योगिक क्षेत्र, कैला भट्टा, राजनगर एक्सटेंशन, पाइपलाइन, चुड़ियाला, गोविंदपुरी, रावली रोड, नेहरू गार्डन और इंद्रापुरी।