आठ घंटे तक नहीं उठने दिया शव
मोदीनगर। प्रसूता नेहा के मौके बाद गुस्साए परिजनों ने प्रियदर्शी अस्पताल में जमकर हंगामा किया और तोड़फोड़ की। सूचना पर पहुंची पुलिस को करीब आठ घंटे तक नेहा का शव नहीं उठाने दिया। वह इलाज में लापरवाही बरतने वाली डॉक्टर पर कड़ी कार्रवाई की मांग पर अड़े थे। हालांकि बाद में डॉक्टर दंपती पर गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज होने पर पुलिस को शव ले जाने दिया।
नेहा के पिता रवेंद्र वर्मा का आरोप है कि बेटी की तबियत बिगड़ने पर अस्पताल में नर्स तक नहीं थी। यह लापरवाही हद है। हंगामा कर रहे परिजनों ने सुबह करीब सात बजे नेहा की मौत होने पर अपराह्न तीन बजे के बाद उसका शव पुलिस को ले जाने दिया। उनकी शिकायत पर पुलिस ने डॉ. सरिता और पति सतीश त्यागी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। डॉ. सतीश त्यागी ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान महिला का ब्लड गाढ़ा हो जाता है। कई बार ब्लड गाढ़ा होने के चलते नशों पर क्लॉट बन जाता है। इससे महिला मौत हो सकती है। एसएसआई देवेश कुमार शर्मा ने बताया कि नेहा का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
अस्पताल कर्मचारी ने भी दी तहरीर
प्रियदर्शी अस्पताल के कर्मचारी मनोज त्यागी ने भी मृतका नेहा के परिजनों के खिलाफ मारपीट व तोड़फोड़ करने की शिकायत थाने में की है। उधर, हंगामे की सूचना पर अस्पताल में भाजपा विधायक डॉ. मंजू शिवाच पहुंच गई। उन्होंने मृतक परिवार को सांत्वना दी।