32 घंटे बाद जागी पुलिस, फोरेंसिक टीम पहुंची स्कूल
इंदिरापुरम के शक्ति खंड-3 स्थित जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल में संदिग्ध हालात में हुई चौथी कक्षा के छात्र अरमान की मौत के मामले में पुलिस भी खानापूर्ति करने में जुटी है।
32 घंटे बाद बुधवार को पुलिस को फोरेंसिक जांच कराने की सूझी जबकि अरमान के परिजन घटना के बाद से पुलिस को स्कूल द्वारा सबूत मिटाने की जानकारी दे रहे थे। वहीं, बुधवार सुबह आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ हो गया है कि सिर में चोट लगने और नाक की हड्डी टूटने से अरमान की मौत हुई है।
शक्ति खंड-3 स्थित जीडी गोयनका स्कूल में बुधवार दोपहर सबूतों की जांच करने के लिए फोरेंसिक टीम स्कूल पहुंची। टीम ने इस दौरान फ्लोर पर प्रयोग होने वाले पोंछे के नमूनों को जांच के लिए लिया।
फोेरेंसिक टीम का कहना था कि हादसे के बाद उन्हें कोई सूचना नहीं दी गई। सूचना मिलती तो यूनिट तुरंत मौके पहुंच कर कार्रवाई करती। बुधवार को स्कूल पहुंची टीम ने दूसरी मंजिल के उस फ्लोर की जांच की। हालांकि जांच के दौरान फ्लोर से टीम को न तो कोई खून का निशान मिला और न ही अन्य कुछ संदिग्ध।
बता दें कि मंगलवार शाम पुलिस शिकायत के दौरान अरमान के परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर सबूत मिटाने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इसके बाद करीब 32 घंटे बाद बुधवार को फोरेंसिक टीम को जांच के लिए घटनास्थल पर बुलाया गया। एसपी सिटी आकाश तोमर ने बताया कि फोरेंसिक टीम ने जांच के दौरान स्कूल से कई तरह के नमूने लिए हैं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
जांच के दौरान पुलिस की कुछ और बड़ी लापरवाही सामने आ रही है। हादसे के बाद मौके पर पहुंची इंदिरापुरम पुलिस घटनास्थल को सील नहीं कराया। न ही फेंसिंग कर बच्चों और स्कूल के अन्य स्टॉफ को मौके पर जाने से रोका। आरोप है कि इसी का फायदा उठा कर स्कूल प्रबंधन ने आसानी से मौके से पड़े खून आदि को साफ कर दिया।