गनप्वाइंट पर लेकर दाल-चावल कारोबारी से छह लाख की लूट
गाजियाबाद। घंटाघर कोतवाली क्षेत्र में साईं उपवन के पास हथियारबंद चार बदमाशों ने मंगलवार शाम दाल-चावल के थोक कारोबारी से छह लाख रुपये लूट लिए। कारोबारी अपने एक कर्मचारी के साथ विजयनगर क्षेत्र से कैश कलेक्शन कर स्कूटी से गोविंदपुरम लौट रहे थे। विरोध करने पर बदमाशों ने दो बार गोली चलाने की कोशिश, लेकिन गोली फंस गई। उन्होंने कारोबारी और उनके कर्मचारी से मारपीट भी की। वारदात को अंजाम देकर बदमाश दिल्ली की ओर फरार हो गए। पीड़ित कारोबारी ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
गोविंदपुरम निवासी रवि प्रकाश गुप्ता गोविंदपुरम अनाज मंडी में दाल-चावल का थोक कारोबार करते हैं। रवि प्रकाश के मुताबिक मंगलवार को वह दुकानदारों से कलेक्शन करने मार्केट जाते हैं। मंगलवार को भी वह अपने कर्मचारी बबलू के साथ कैश कलेक्शन करने स्कूटी से विजयनगर क्षेत्र में गए थे। शाम करीब साढ़े चार बजे वह कैश कलेक्शन कर वापस गोविंदपुरम लौट रहे थे। न्यू लिंक रोड से वह जैसे ही मेरठ तिराहे पर उतरे और साई उपवन की ओर बढ़े तभी दो बाइकों पर सवार चार बदमाश आए और उनकी स्कूटी में टक्कर मारकर गिरा दिया। रवि के मुताबिक वह कुछ समझ पाते इससे पहले ही एक बदमाश ने उन पर पिस्टल तान दी और बाकी बदमाशों ने घेर कर स्कूटी समेत कैश लूट लिया। विरोध करने पर उन्होंने बबलू और रवि प्रकाश की पिटाई भी की और स्कूटी लेकर भागने लगे। कुछ दूरी पर जाकर उनकी स्कूटी फिसल गई। इसके चलते वह स्कूटी छोड़, छह लाख की नकदी से भरा बैग लेकर फरार हो गए।
रोडरेज का मामला समझते रहे राहगीर
पीड़ित कारोबारी रवि कुमार का कहना है कि बदमाशों ने चंद मिनटों में वारदात को अंजाम दे दिया। मेरठ रोड तिराहे पर वाहनों और लोगों का आवागमन रहता है, लेकिन लोग समझ नहीं पाए कि बदमाश लूट की वारदात को अंजाम दे रहे हैं। लोगों को लगा कि रोडरेज या आपसी मारपीट का मामला है। बदमाशों की मारपीट से वह घबरा गए थे। वह चिल्लाकर मदद मांगते, इससे पहले ही बदमाश वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए।
8-10 स्थानों से किया था कैश कलेक्शन
कारोबारी ने पुलिस को बताया कि उन्होंने मंगलवार को विजयनगर व प्रताप विहार में 8-10 स्थानों से कैश कलेक्शन किया था। शायद इसी दौरान किसी ने भांप लिया होगा। पुलिस ने कारोबारी से इन सभी लोगों की जानकारी भी ली है।
जानकार का हो सकता है हाथ
पुलिस का मानना है कि वारदात को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया है। ऐसा लग रहा है कि पूर्व में रेकी की गई होगी। बदमाशों को कैश और रूट की जानकारी से लग रहा है कि लूट की इस वारदात में कोई जानकार शामिल हो सकता है। इस एंगल पर भी जांच की जा रही है।