तिहाड़ जेल से छूटते ही साहिबाबाद में की थी कारोबारियों से लूट
गाजियाबाद। साहिबाबाद पुलिस के साथ शुक्रवार देर रात हुई बदमाशों की मुठभेड़ के बाद पुलिस ने शनिवार को उनके तीन अन्य साथियों को भी अवैध असलहों के साथ गिरफ्तार कर लिया है। इनमें एक ऐसे बदमाश को भी गिरफ्तार किया है जो तिहाड़ जेल से एक माह पूर्व ही छूटकर आया था। वह हत्या के मामले में तिहाड़ जेल में बंद था। पुलिस ने मुठभेड़ में घायल हुए बदमाशों के पास से पाइप मार्केट के कारोबारी से लूटी गई नकदी, आधार कार्ड के साथ पिस्टल भी बरामद कर ली है।
एसएसपी वैभव कृष्ण ने प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि पकड़े गए बदमाश आरिफ, आमिर निवासी साहिबाबाद और भोपरा, दोघट बागपत का रहने वाला अनीस है। आमिर शुक्रवार देर रात हुई मुभेड़ के दौरान फरार हो गया था। तीनों को अर्थला पीर के पास निटको वाली गली से गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले शुक्रवार देर रात सिकंदरपुर कट के पास हुई पुलिस मुठभेड़ के दौरान मुजम्मिल निवासी जामा मस्जिद पुरानी सीमापुरी और नासिर उर्फ आलम निवासी मुस्तफाबाद दिल्ली को गिरफ्तार किया था। एसएसपी ने बताया कि बागपत का रहने वाला अनीस एक माह पूर्व ही दिल्ली की तिहाड़ जेल से छूटकर आया था। साहिबाबाद निवासी आमिर ने पाइप मार्केट और शालीमार गार्डन में एयरटेल डीलर से लूट के लिए रेकी की थी। उन्हें दोनों कारोबारियों से बड़ी मात्रा में रुपया मिलने की सूचना थी। इसके बाद चार सितंबर को बदमाशों ने पाइप मार्केट में व्यापारी नूपुर जैन से 80 हजार रुपये और शालीमार गार्डन में डीलर इमरान से 92 हजार रुपये की लूट की थी। पुलिस के मुताबिक अनिल कुख्यात बदमाश यूनुस काले गैंग का सदस्य रहा है। पूर्व में वह काले के साथ मिलकर हत्या की कई वारदातों को अंजाम दे चुका है। एसएसपी ने बताया कि मुजम्मिल और नासिर का भी लंबा आपराधिक इतिहास है। दोनों पर हत्या, लूट, चोरी, जानलेवा हमले के करीब 20-20 केस दर्ज हैं।
पाइप मार्केट एसोसिएशन ने किया सम्मानित
महज 10 दिन में लूट का खुलासा किए जाने और असली अपराधियों को जेल भेजे जाने से उत्साहित पाइप मार्केट एसोसिएशन ने शनिवार को पुलिस लाइंस पहुंच एसएसपी वैभव कृष्ण, सीओ बार्डर आरके मिश्रा, एसपी सिटी श्लोक कुमार और एसएचओ साहिबाबाद दिनेश यादव को सम्मानित किया। उन्होंने एसएचओ को नकद पुरस्कार भी देने की घोषणा की, लेकिन एसएसपी ने नकद पुरस्कार लेने से इंकार कर दिया। वहीं एसएसपी का कहना है कि मुठभेड़ में शामिल पुलिस टीम के सदस्यों को डीजीपी डिस्क के लिए नामित कर मुख्यालय नाम भेजे जाएंगे। उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा।