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वर्चस्व की लड़ाई में मारा गया मिंटू

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तड़पते रहे घायल, नहीं रुकी पीसीआर
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लुटेरों की धरपकड़ के खुलासे के चक्कर में इंदिरापुरम पुलिस की पीसीआर वसुंधरा सेक्टर-1 हिंडन पुश्ता पर फायरिंग में घायल युवकों को तड़पता छोड़कर आगे बढ़ गई।

लोगों ने पीसीआर को रोकने का प्रयास किया लेकिन गोली लगे युवकों की जान से ज्यादा पुलिसकर्मियों को खुलासे की फिक्र ज्यादा थी। जहां पुलिस का दावा है कि एक सिपाही घायल युवकों को अस्पताल लेकर पहुंचा, वहीं प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि घायल नागेंद्र स्कॉर्पियो चालक खुद ही अपने साथी ठेकेदार मिंटू को लेकर कार चलाते हुए अस्पताल पहुंचा।
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गाजियाबाद कोर्ट में चल रहे एक मामले में पेश होकर दिल्ली लौटते वक्त मिंटू और चालक नागेंद्र पर बुधवार को फायरिंग की गई। हमलावरों के फरार होने के बाद इंदिरापुरम पुलिस की लूट के आरोप में पकड़े गए पांच बदमाशों को लेकर खुलासे के लिए पुलिस लाइन जा रही थी।

इस वक्त घायल नागेंद्र स्कॉर्पियो कार चला रहा था और मिंटू कार की पिछली सीट पर पड़ा था। लोगोें की सूचना के बावजूद पीसीआर नहीं रुकी और वहां से गुजर गई। घायलों को अस्पताल ले जाने के लिए कोई पुलिस कर्मी नहीं उतरा।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि घायल नागेंद्र खुद ही कार चलाकर अस्पताल पहुंचा जबकि पुलिस इससे इंकार कर रही है। एसपी सिटी आकाश तोमर का कहना है कि पुलिस पीसीआर में सादे कपड़ों में मौजूद एसओजी का सिपाही पवन ही घायलों को अस्पताल लेकर पहुंचा है। सादे कपड़ों में होने की वजह से लोगों को धोखा हुआ होगा।

सीओ सुदेश गुप्ता ने बताया कि मृतक मिंटू गुर्जर और धर्मवीर सेठी के बीच पार्किंग की ठेकेदारी को लेकर चार वर्षों से रार चल रही थी। वर्ष 2013 में धर्मवीर सेठी और उसके साथियों पर ही मिंटू गुर्जर के साथी प्रवीण को कौशांबी स्थित ईडीएम मॉल में गोली मारने का आरोप है।

इस मामले में उनकी बुधवार को कोर्ट में पेशी थी। दो दिन पूर्व भी दोनों पक्षों में मारपीट हुई थी और इनके खिलाफ इंदिरापुरम और दिल्ली के गाजीपुर में कई एफआईआर दर्ज हैं। पुलिस के मुताबिक घटना के कुछ देर बाद ही मौके पर स्विफ्ट कार से मिंटू के साथी मनोज और चमन निवासी गाजीपुर दिल्ली पहुंचे, जिनसे पूछताछ की गई।
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स्कॉर्पियो की जांच करने के लिए फॉरेंसिक टीम शाम करीब दो घंटे बाद मैक्स अस्पताल पहुंची। तब तक स्कॉर्पियो को कई लोग छू चुके थे। परिजनों का कहना है कि साक्ष्य प्रभावित होने के बाद जांच का क्या फायदा।
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