जिम में आए युवकों की लग्जरी कार चोरी करने वाले दो गिरफ्तार
जिम में आने वाले युवकों की लग्जरी गाड़ियां चोरी करने वाले दो बदमाशों को क्राइम ब्रांच ने वसुंधरा से दबोचा है। उनकी निशानदेही पर सात लग्जरी गाड़ियां बरामद की गई हैं। गैंग के सरगना समेत तीन वाहन चोरों की तलाश जारी है। पकड़े गए बदमाशों में से गैंग के सरगना का भाई है। गिरोह अभी तक 200 से ज्यादा गाड़ियां चोरी कर आधे दामों में बेच चुका है।
एसपी क्राइम बृजेश सिंह ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर वसुंधरा से चेकिंग के दौरान कार से दो वाहन चोरों को पकड़ा गया। उनकी निशानदेही पर छह और लग्जरी कारें बरामद की गईं। पकड़े गए चोर अमित उर्फ सोनू निवासी अट्टा गांव नोएडा और ओंकार उर्फ अंकुश वर्मा निवासी मंडावली दिल्ली है। गिरोह का सरगना और अमित का भाई प्रमोद, लखन निवासी खोड़ा और फुरकान निवासी दिल्ली गेट मेरठ फरार हैं। एसपी क्राइम ने बताया कि प्रमोद, अमित और ओंकार कार चोरी करते थे, जबकि अन्य दोनों कार बिकवाते थे। प्रमोद, अमित और ओंकार दिल्ली-एनसीआर के जिम में एक्सरसाइज करने जाते थे। एक्सरसाइज करने के बाद प्रमोद और अंकित जिम संचालक से फीस आदि की जानकारी के बहाने उसे बातों में लगाते थे। इस दौरान अंकित टेबल पर रखीं किसी कार की चाभी उठा लेता था। कार लेकर वह निकल जाता और फोन कर प्रमोद-अमित को जानकारी देता था। इसके बाद वह भी निकल जाते थे।
कोड वर्ड में करते थे बात, कार को बोलते थे मां
चोरी की गाड़ियों के बारे में बात करने के लिए यह गिरोह कोड भाषा का इस्तेमाल करता था। चोर कार को ‘मां’ बुलाते थे। इसी तरह कार चोरी होने पर ओंकार फोन कर सूचना देता था कि ‘मां का आशीर्वाद मिल गया।’ एक चोरी के दौरान एक सिम प्रयोग करते थे और चोरी के बाद उसे बंद कर देते थे। जिससे पुलिस की पकड़ में न आएं। कार चोरी के बाद उसे सुनसान जगह पर चार-पांच घंटे खड़ी कर छोड़ देते थे। अगर कार जीपीएस से ट्रैक हो तो मालिक उसे ले जाए। किसी के न आने पर पांच घंटे बाद कार ले जाकर अपनी चिंहित मॉल की पार्किंग या अपार्टमेंट की बेसमेंट पार्किंग में छिपा देते थे।
रोहिणी के जिम से मिली सीसीटीवी फुटेज से हुई पहचान
बरामद कारों में से पांच कारें दिल्ली से चोरी की गई थीं, जबकि एक कार साहिबाबाद से चोरी हुई थी। पुलिस के हाथ दिल्ली के रोहिणी की जिम की सीसीटीवी फुटेज लगी थी। इसमें सरगना प्रमोद कार की चाभी उठाता दिख रहा है। इसी फुटेज की मदद से पुलिस ने वाहन चोरों को धर दबोचा। पुलिस के अनुसार बदमाश कार की आरसी पर दूसरी कार का नंबर स्कैन कर नई आरसी तैयार करते और खरीदारों को दिखाकर बेच देते थे। पुलिस अगर चोरी की कार ट्रेस कर लेती तो फुरकान उसके पार्ट्स निकालकर बेच देता था।