नवजात बदलने की बात पर संयुक्त अस्पताल में हंगामा
गाजियाबाद। संयुक्त अस्पताल में शनिवार को नवजात बदलने की बात को लेकर हंगामा हुआ। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल के स्टाफ ने डिलीवरी होने के बाद बाहर आकर उन्हें बेटा होने की बधाई दी थी, लेकिन ढाई घंटे बाद उनकी गोद में बेटी दी गई, जिस पर परिजन भड़क गए और अस्पताल में ही जमकर हंगामा करने लगे। वहीं, अस्पताल प्रबंधक ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
बिहार निवासी संतोष कुमार इन दिनों पत्नी नीतू के साथ रजापुर गांव में रहते हैं। संतोष ने बताया कि उन्होंने शुक्रवार की दोपहर लगभग साढ़े 12 बजे पत्नी को प्रसव के लिए भर्ती करवाया था। यह उनका पहला बच्चा है। लगभग चार बजे लेबर रूम के स्टाफ ने उन्हें बताया कि नीतू ने बेटे को जन्म दिया है लेकिन, लगभग दो घंटे बाद छह बजे उन्हें बेटी होने की सूचना के साथ बधाई दी गई। नीतू ने बताया कि स्टाफ ने उन्हें बेटा होने के बारे में बताया था लेकिन, बेटे को दिखाया नहीं था। दो घंटे बाद एक नर्स उन्हें बेटी देकर गईं और कहा यही आपका बच्चा है। शनिवार सुबह अस्पताल पहुंचे संतोष के परिजनों ने जमकर हंगामा किया और सीएमएस से लिखित शिकायत की। सीएमएस डॉ. नरेश विज का कहना है कि अस्पताल में तीन प्रसव हुए है, जिनमें दो लड़के और एक लड़की थी। बच्चा बदले जाने का आरोप गलत है फिर भी मामले की जांच कराई जा रही है।