शॉर्ट सर्किट से पार्किंग में लगी आग, 20 मिनट फंसे रहे तीन परिवार
साहिबाबाद। राजेंद्रनगर सेक्टर दो स्थित प्लॉट संख्या 104 में रायल विला बिल्डिंग में शुक्रवार देर रात मीटर में शार्ट सर्किट से आग लग गई। आग से गाउंड फ्लोर में स्थित पार्किंग में खड़े 18 वाहन जल गए। आग की लपटें देख बिल्डिंग में रह रहे कुछ परिवार बाहर आ गए, लेकिन तीसरी मंजिल पर रहने वाले तीन परिवार फंस गए। उन्हें पड़ोसियों ने 20 मिनट की मशक्कत के बाद सीढ़ी के सहारे और छत के रास्ते निर्माणाधीन मकान से होकर उतारा। सूचना पर पहुंची दमकल की छह गाड़ियों ने तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग से करीब 80 लाख के नुकसान का अनुमान है।
रायल विला अपार्टमेंट में 12 परिवार रहते हैं। शुक्रवार रात अपार्टमेंट के बाहर लगे ट्रांसफार्मर में तेज धमाका हुआ। अपार्टमेंट के पार्किंग में लगे मीटर में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। अनिल राणा ने बताया कि आग इतनी तेजी से फैली कि पार्किंग में खड़े चार कारें और 14 दोपहिये वाहन जल गए। वहां रहने वाले लोग आग के बीच से एक गाड़ी ही निकाल पाए थे। आग की लपटें और धुएं से अफरातफरी मच गई। कुछ परिवार सीढ़ियों से बाहर आग गए, लेकिन तीसरे फ्लोर पर रहने वाले शेखर चौहान सहित तीन परिवार छत के सहारे उतारे गए। लोगों ने आग लगने की सूचना दमकल विभाग को दी। सीएफओ सुनील सिंह ने बताया कि दमकल की छह गाड़ियों को भेजा गया। आग पर काबू पाने में तीन घंटे लगे। बिल्डिंग मेें आग बुझाने के उपकरण नहीं लगे है। बिजली कटने से सबमर्सिबल भी नहीं चल सका।
निर्माणाधीन मकान से मजदूरों ने मदद कर उतारा
तीसरे फ्लोर पर रहने वाले शेखर चौहान ने बताया कि आग की लपटें इतनी तेज थी कि आग तीसरे फ्लोर तक पहुंच गई। धुआं और हीट के कारण तीन परिवार ऊपर ही फंस गए। सोसायटी के पीछे एक निर्माणाधीन मकान था। वहां मौजूद मजदूरों ने शटरिंग और सीढ़ियों की मदद से सभी को नीचे उतारा।
गर्मी में छत पर गुजारी रात, दिन में हुई दिक्कत
आग लगने के बाद रात तीन बजे तक दमकल कर्मियों ने आग बुझाई। आग की तपिश इतनी थी कि बिल्डिंग का प्लास्टर शुक्रवार दोपहर 12 बजे तक भी टूटकर गिर रहा था। बेसमेंट के बराबर वाले फ्लैट की टाइल्स भी उखड़कर गिर रही थीं। लोगों का कहना था कि रात तो लोगों ने छत पर गर्मी में ही बिताई। जबकि दिनभर लोग गर्मी में परेशान रहे।
नहीं लगे थे आग बुझाने के उपकरण
टीएचए में हाइराइज सोसायटियों के साथ ज्यादातर बिल्डर फ्लैट बने हैं। यहां पर रहने वाले लोगों की अच्छी खासी संख्या है। बावजूद इसके यहां पर फायर फाइटिंग सिस्टम नहीं लगे है। आग लगने के दौरान यहां फर आग विकराल रूप ले लेती है।