फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पॉलिसी के नाम पर ठगी करने वाला कॉल सेंटर पकड़ा, 15 गिरफ्तार

विज्ञापन
विज्ञापन
कॉल सेंटर चलाकर पॉलिसी के नाम पर ठग रहे थे, 15 गिरफ्तार
विज्ञापन

साहिबाबाद। कई तरह की पॉलिसी करने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले फर्जी कॉल सेंटर का इंदिरापुरम पुलिस और गौतम बुद्धनगर पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने शक्ति खंड दो स्थित बिल्डर फ्लैट में चल रहे फर्जी कॉलसेंटर से तीन युवतियों समेत 15 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने 6.30 लाख रुपये, 36 मोबाइल, 28 डेबिट कार्ड समेत कई दस्तावेज बरामद किए हैं। आठ माह से यह कॉल सेंटर चल रहा था। आरोपी अभी तक करीब दो करोड़ रुपये चूना लाग चुके हैं। पुलिस गिरोह के फरार सरगना की तलाश में दबिश दे रही है।
इंदिरापुरम एएसपी अपर्णा गौतम ने बताया कि ग्रेटर नोएडा निवासी हरजीत सिंह नाम के व्यक्ति से पॉलिसी कराने के नाम पर करीब 50 लाख रुपये की ठगी की गई थी। पीड़ित की शिकायत पर ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कर गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने जांच शुरू की तो इंदिरापुरम के शक्ति खंड-दो स्थित ए-11 में ठगी का कॉल सेंटर चलता पाया गया। इंदिरापुरम एसएचओ संदीप सिंह, एसएचओ बिसरख मनोज पाठक व इंदिरापुरम थाने के कई दरोगा मौके पर पहुंचे और छापेमारी कर तीन युवतियों समेत 15 लोगों को गिरफ्तार किया। एएसपी ने बताया कि पकड़े गए आरोपी सोनू निवासी जहांगीराबाद, बुलंदशहर, विक्की धवन निवासी फरीदाबाद, राकेश निवासी न्यू कोंडली दिल्ली, प्रिंस वर्मा निवासी बहरामपुर विजय नगर, रवि कुमार निवासी ब्रह्मपुरी दिल्ली, मौ. कासिम, अनस मिर्जा, शिप्रांसु यादव निवासी खोड़ा कॉलोनी, सूर्याकांत निवासी वाजिदपुर सेक्टर-62 नोएडा, शोएब निवासी सीलमपुर दिल्ली, संजय, कपिल, रचना निवासी मंडावली दिल्ली, निशा निवासी बड़ौत बागपत, रेनू निवासी शाहदरा दिल्ली हैं। कॉल सेंटर से पुलिस की टीम ने 6.30 लाख रुपये, 36 मोबाइल, 10 हजार बीमा धारकों का डाटा, 28 डेबिट-क्रेडिट कार्ड, नौ आधार कार्ड, सात पेन कार्ड, चार वोटर आईकार्ड, नौ चेक बुक और पासबुक समेत अन्य सामान बरामद किया।
विज्ञापन

बीमा कंपनी और डाटा वेंडर से खरीदते थे डाटा
एएसपी ने बताया कि आरोपी बीमा कंपनियों और डाटा वेंडरों से ग्राहकों के डाटा खरीदते थे। इसके बाद लोगों से संपर्क करते थे। जिनकी पॉलिसी की किस्त नहीं जमा हो पाती थी उनसे पॉलिसी बंद होने का झांसा देकर रिन्यू कराने या दूसरी पॉलिसी देने का झांसा देकर फर्जी खातों में रुपये डलवाते थे। यह सभी खाते बीमा कंपनियों के नाम से मिलता-जुलता होता था। खाते में रुपये आते ही शातिर ठग खाते से रुपये निकाल लेते थे। शातिरों के पास कई खाते ऐसे मिले हैं, जिनके एवज में वह खाता धारक को हर माह 10 फीसदी भुगतान करते थे।

12वीं पास सरगना चला रहा था फर्जी कॉल सेंटर
गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को बताया कि कॉल सेंटर फरीदाबाद निवासी रूपेश राजपूत कई साल से चला रहा है। वह केवल 12वीं पास है। रूपेश ही कर्मचारियों को ग्राहकों का डाटा लाकर देता था। जांच में पुलिस को डॉटा बेचने वाले कुछ लोगों की जानकारी मिली है। पुलिस उनकी भी तलाश कर रही है। एएसपी अपर्णा गौतम ने बताया कि 2015 में नोएडा में ठगी का कॉल सेंटर खोला गया था। छापेमारी के बाद वह बंद हो गया और बिना नाम के अन्य जिले और राज्यों में कॉल सेंटर खोले गए। गिरफ्तार आरोपी विक्की धवन रूपेश का काम संभालता था। कॉल सेंटर में काम करने वाले कर्मचारियों को 10 से 15 हजार रुपये वेतन दिया जाता था। लक्ष्य पूरा करने पर कर्मचारियों को एक से पांच फीसदी इनसेंटिव भी मिलता था।

नोएडा में ठगी कर फंसे आरोपी
आरोपियों ने बताया कि वह यहां चलने वाले कॉल सेंटर से लोकल लोगों को संपर्क नहीं करते थे। वह यूपी के दूरदराज के जिलों और अन्य राज्यों के लोगों का डाटा निकालकर ठगी करते थे, जिससे कोई व्यक्ति उनके खिलाफ शिकायत करने न आ सके। गौतमबुद्ध नगर निवासी से संपर्क करते ही आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ गए। आरोपी महाराष्ट्र, गुजरात, मध्यप्रदेश, बिहार समेत अन्य कई राज्यों के लोगों से करीब दो करोड़ की ठगी कर चुके हैं। पुलिस खातों की डिटेल खंगाल रही है।
विज्ञापन


आवासीय क्षेत्र में ठगी का अड्डा, लोगों ने किया था विरोध
इंदिरापुरम के शक्ति खंड-दो स्थित ए-11 स्थित के ग्राउंड फ्लोर पर एक थ्री बेडरूम फ्लैट में यह कॉलसेंटर चल रहा था। स्थानीय लोगों का कहना है कि जनवरी से कॉल सेंटर यहां पर चल रहा था। रोजाना यहां पर करीब 15 से 20 कर्मचारी एक साथ काम करने के लिए आते थे। सुबह 10 से शाम 4 बजे तक यहां पर काम करते थे। एक बार अंदर आने के बाद शाम को ही बाहर निकलते थे। कई बार स्थानीय लोगों ने फ्लैट मालिक से इसे बंद कराने की बात भी कही थी। बाहर के लोगों को कुछ नहीं पता था कि अंदर क्या चल रहा है। शनिवार शाम दबिश के बाद पता चला कि फ्लैट में ठगी का कॉल सेंटर चल रहा है। एएसपी का कहना है फ्लैट के मालिक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बिना पुलिस सत्यापन कराए फ्लैट को व्यवसायिक गतिविधि के लिए दे दिया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें