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फर्जी क्राइम ब्रांच अधिकारी बनकर कैफे संचालक को किया अगवा

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फर्जी क्राइम ब्रांच अधिकारी बनकर कैफे संचालक का किया अपहरण
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साहिबाबाद। खोड़ा कॉलोनी में फर्जी क्राइम ब्रांच अधिकारी बनकर साइबर कैफे संचालक को पांच लोगों ने अगवा कर लिया। अपहरण के बाद आरोपी पीड़ित को कार से थाने के पास ले गए। वहां एक व्यक्ति से बात कर फरार हो गए। आरोपी पीड़ित को कार में घुमाते रहे। शक के आधार पर स्थानीय लोगों ने मामले की सूचना पुलिस को दी। सूचना पर पहुंची पुलिस सक्रिय हुई तो आरोपी पीड़ित को नोएडा सेक्टर-58 में छोड़कर फरार हो गए। सीसीटीवी के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई। खोड़ा पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
खोड़ा के दीपक विहार में साहिल पब्लिक स्कूल के पास नावेद का साइबर कैफे है। नावेद ने बताया कि शुक्रवार शाम को कुछ लोग उसके पास एक सर्टिफिकेट बनवाने के लिए आए और इस दौरान उन्होंने उसकी वीडियो बनाई। रात करीब 9:30 बजे जब वह दुकान बंद कर घर जाने की तैयारी कर रहे थे। इस दौरान पांच व्यक्ति आए और खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर उससे साथ चलने को कहा। पैदल ही गली के बाहर खड़ी कार तक ले जाने लगे। इस दौरान स्थानीय नागरिक ने 100 नंबर पर पुलिस को नावेद के अपहरण की सूचना दे दी। अपहरण की सूचना पर आनन-फानन में मौके पर पहुंची पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में पांच लोग नावेद को ले जाते दिखाई दिए। एक आरोपी इमरान पास का ही रहने वाला था। पड़ोसियों से उसका नंबर लेकर चौकी इंचार्ज अमरपाल सिंह ने आरोपी को फोन कर नावेद के बारे में पूछताछ की। इस पर आरोपियों ने पीड़ित को नोएडा सेक्टर-58 चौकी के पास छोड़कर फरार हो गए। पीड़ित ने खोड़ा थाने पहुंचकर मामले की लिखित शिकायत दी। पुलिस ने सूरज, नवीन, कालू और इमरान खान पर रंगदारी, अपहरण की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। एसएचओ खोड़ा सत्येंद्र प्रकाश का कहना है पुलिस की सतर्कता से साइबर कैफे संचालक के अपहरण और फिरौती का प्रयास फेल हो गया। पुलिस ने नोएडा सेक्टर-62 निवासी एक आरोपी विनीत को गिरफ्तार कर लिया है। घटना में प्रयुक्त कार को सीज कर दिया है।
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पुलिस की मिलीभगत की आशंका
पीड़ित नावेद का आरोप है कि आरोपी उसे कार में बैठाने के बाद पहले खोड़ा थाने के बाहर ले गए। इस दौरान एक आरोपी कार से उतरकर थाने से बाहर निकलकर आए सादी वर्दी में एक व्यक्ति से बात की थी। आरोपी पीड़ित से दो लाख रुपये रंगदारी मांगने की बात कह रहे थे। एसएचओ ने थाने की किसी पुलिसकर्मी की मिलीभगत होने से इंकार किया है।
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