गाजियाबाद के कविनगर थाना क्षेत्र के श्रीराम एंकलेव में रहने वाले एक आठ साल के बच्चे की अपहरण के बाद गला दबाकर हत्या कर दी गई। बच्चा दो दिन से लापता था। रविवार सुबह उसका शव बम्हेटा नाले के पास से बरामद हुआ।
परिजनों का आरोप है कि बच्चे की संदिग्ध हालात में लापता होने के दिन ही उन्होंने लालकुआं चौकी पर शिकायत की थी, लेकिन पुलिस ने तलाश नहीं की और बच्चे के खुद ही वापस आ जाने की उम्मीद जताकर परिजनों को लौटा दिया। पुलिस हत्या की वजह रंजिश मान रही है।
सीतामढ़ी बिहार निवासी नवलदास करीब दो माह से पत्नी व तीन बच्चों के साथ श्रीराम एंकलेव की गली नंबर-7 में रह रहे हैं। बेलदारी करने वाले नवलदास का सबसे बड़ा बेटा नितेश (8) कक्षा दो में पढ़ता था।
पिता ने बताया कि नितेश शुक्रवार दोपहर स्कूल से आया था और खाना खाकर छोटे भाई विवेक (4) के साथ पास ही दीप विहार में खेल रहा था। करीब एक सप्ताह पूर्व तक नवल का परिवार भी दीप विहार में रहता था। कुछ देर बाद नितेश घर आया और फिर वापस चला गया।
इसके बाद वह नहीं लौटा। छोटे भाई नितेश ने परिजनों को बताया तो उन्होंने उसकी तलाश की। तलाशने के बाद भी नितेश न मिला तो परिजनों ने लालकुआं चौकी में शिकायत की। आरोप है कि वहां तैनात दरोगा ने कहा कि बच्चा है, कहीं चला गया होगा। लौट आएगा।
उन्होंने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। रविवार सुबह पिता नवलदास व पड़ोसी गिरधरपुर व बम्हेटा के पास नितेश की गुमशुदगी के पोस्टर चस्पा कर रहे थे। इसी दौरान लोगों ने बताया कि एक बच्चे का शव नाले के पास पड़ा है। परिजन वहां पहुंचे तो शव की पहचान नितेश के रूप में हुई।
कविनगर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। एसपी सिटी श्लोक कुमार भी घटनास्थल पर पहुंचे। उनका कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह दम घुटना आया है। आशंका है कि गला दबाकर हत्या की गई है। चेहरे और गले पर चोट के निशान भी मिले हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक करीब डेढ़ दिन पूर्व बच्चे की मौत हो चुकी थी।
रंजिश में हत्या की आशंका
बच्चे नितेश के पिता नवलदास ने बताया कि दीप विहार में रहने के दौरान कुछ लोगों से उनका झगड़ा हुआ था। आशंका है कि उसी की वजह से बच्चे की हत्या की गई हो। वहीं, पुलिस भी इस एंगल पर जांच कर रही है। पुलिस ने पूछताछ के लिए कई लोगों को हिरासत में लिया है।