डकैतों की तलाश में
फरीदाबाद में दबिश
- पुलिस बोली-बाइक नंबर से हुई बदमाशों की पहचान
- वसुंधरा सेक्टर 2 में न्यूरोलॉजिस्ट के घर डकैती का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
साहिबाबाद।
वसुंधरा सेक्टर-2 सी में न्यूरोलॉजिस्ट डा. नीरज अग्रवाल के घर मंगलवार को दिनदहाड़े डकैती डालने वाले छह बदमाशों में से कुछ की पुलिस ने पहचान कर ली है। पुलिस ने गाजियाबाद के साथ फरीदाबाद में दबिश दी है। पुलिस सूत्रों की मानें तो बदमाशों की बाइक से अहम सुराग मिले हैं। जांच के बाद पुलिस बाइक मालिक तक पहुंच गई। वह भी फरार है। मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
एसपी सिटी आकाश तोमर ने बताया कि बदमाशों की बाइक के नंबर के आधार पर पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं। घटना में शामिल कुछ बदमाशों की पहचान कर ली गई है। बदमाश स्थानीय बताए जा रहे हैं। पूछताछ के लिए पुलिस ने एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया है। बदमाशों की तलाश के लिए पुलिस की तीन टीमों को लगाया गया है। यह टीमें गाजियाबाद, फरीदाबाद और दिल्ली में दबिश दे रही हैं। जल्द ही पुलिस के हाथ बदमाशों तक पहुंच जाएंगे। ज्ञात हो कि मंगलवार सुबह करीब पौने 10 बजे मरीज बनकर आए हथियारबंद छह बदमाशों ने डॉक्टर की फैमिली समेत सात लोगों को बंधक बनाकर करीब 9.5 लाख रुपये और छह लाख के जेवर लूट लिए थे। बदमाश पड़ोस में लगे सीसीटीवी में कैद हो गए थे। इंदिरापुरम पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। डॉक्टर के मोबाइल के कांटेक्ट नंबर लेकर जांच की जा रही है। उधर, डॉक्टर की फैमिली और पड़ोसियों ने पुलिस कालोनी में गश्त कराने की मांग की है।
जेल से छूटे बदमाशों से हो रही पूछताछ
डकैती का खुलासा करने के लिए पुलिस हाल ही में जेल से छूटे बदमाशों से पूछताछ कर रही है। एक माह के अंदर जो भी बदमाश जेल से बाहर आए हैं, पुलिस ने सभी को अपने ‘रडार’ पर ले लिया है। पुलिस अधिकारी जल्द ही वारदात का खुलासा करने का दावा कर रहे हैं।
13 दुकानों में डकैती की नहीं दर्ज हुई रिपोर्ट
साहिबाबाद। सीमापुरी थाना क्षेत्र स्थित जीडीए मार्केट में मंगलवार रात सुरक्षा गार्ड को बंधक बनाकर 13 दुकानों के ताले तोड़कर डकैती के मामले में अभी तक रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है। एसएचओ राकेश सिंह ने बताया कि मामले में शिकायत नहीं मिली है। ज्ञात हो कि डकैती के बाद बदमाशों ने एक ऑटो और कार में तोड़फोड़ भी की थी। घटना से नाराज दुकानदारों ने सुबह प्रदर्शन किया था।