डेढ़ साल के कोर्स के बाद परीक्षा पास कर रॉकी, रूबी, हनी, स्पार्की, फिन और प्लूटो आठवीं बटालियन एनडीआरएफ के डॉग स्क्वायड में शामिल हो गए हैं। एनडीआरएफ आठवीं बटालियन में देशभर की 12 बटालियन से आए 28 डॉग और उनके हैंडलर परीक्षा में शामिल हुए। 28 में से 15 डॉग ने परीक्षा उत्तीर्ण कर एनडीआरएफ में जगह बनाई।
गाजियाबाद की आठवीं बटालियन में छह और ट्रेंड डॉग के शामिल होने से स्क्वायड में डॉग की संख्या बढ़कर 16 पहुंच गई है। चार अनट्रेंड डॉग का अभी कोर्स चल रहा है। डेढ़ साल का कोर्स पूरा करने वाले डॉग में पांचवीं बटालियन से चार, छठवीं बटालियन से दो, नौवीं बटालियन से दो, आठवीं बटालियन से छह और छठवीं बटालियन सेअंडर ट्रीटमेंट डॉग शामिल है।
आठवीं बटालियन के कमांडेंट पीके श्रीवास्तव ने बताया कि परीक्षा में पास होने वाले सभी 15 ट्रेंड डॉग विभिन्न रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल होने के लिए तैयार हो गए हैं। आगामी मिशन में डॉग स्क्वायड को शामिल किया जाएगा।
कई चरणों के बाद तैयार होते हैं ट्रेंड डॉग
एनडीआरएफ के डॉग स्क्वायड में शामिल होने वाले ट्रेंड डॉग को कई चरणों में प्रशिक्षित किया जाता है। इसमें सबसे पहले डॉग को प्लेन ग्राउंड पर सुविधाजनक माहौल में ट्रेनिंग दी जाती है। फिर डॉग और उनके हैंडलर को टूटी हुई बिल्डिंग में लोगों को खोजने, फिर ट्रेनों, इसके बाद भीड़भाड़ वाले इलाकों के बाद ऊंचाई वाले स्थानों पर प्रशिक्षित किया जाता है।
इसके बाद होने वाले फाइनल टेस्ट में हैंडलर का कहना मानने के साथ लाइव विकटिम को खोजने का टेस्ट पास करना होता है।