चैक बाउंस होने के मामले में एक साल की सजा
न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम हापुड़ ने 1 लाख 42 हजार रुपए के दो चैक बाउंस होने के मामले में पिलखुवा के मोहल्ला डबरिया निवासी एक व्यक्ति को एक साल की सजा और 2 लाख 84 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।
आरोपी पर जुर्माना राशि जमा नहीं करने पर एक माह की अतिरिक्त सजा लगाने का फैसला लिया गया है। यह फैसला नौ साल बाद आया है। वादी पक्ष के एडवोकेट ओमदत्त त्यागी ने बताया कि डबरिया मोहल्ला निवासी अशोक कुमार पुत्र शीशपाल ने
मोहल्ला साकेत निवासी बसपा नेता मनोज शर्मा को 1 लाख 42 हजार रुपए के दो चैक दिए थे, जो बाउंस हो गए थे। चैक बाउंस होने के बाद मनोज शर्मा ने कई बार अशोक से ली गई राशि देने की मांग की, लेकिन उक्त धनराशि नहीं दी गई। तब मनोज शर्मा ने कोर्ट की शरण ली।
अब नौ साल की लंबी लड़ाई के बाद उन्हें इंसाफ मिला है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम हापुड़ साक्षी गर्ग ने चैक बाउंस के मामले में अशोक कुमार पशीशपाल को दोषी माना। दोषी मानते हुए अशोक को एक साल की सजा सुनाई गई है और 2 लाख 84 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
जुर्माना राशि नहीं देने की स्थिति में एक माह की अतिरिक्त सजा देने का प्रावधान किया गया। मनोज शर्मा ने बताया कि नौ साल की लड़ाई के बाद उन्हें इंसाफ मिला है। वह फैसले से खुश हैं। आरोपी अशोक कुमार पर अब से पहले भी अन्य मामलों में गुंडा एक्ट और जिला बदर की कार्रवाई हो चुकी है।