भाजपा नेता ब्रजपाल तेवतिया पर हुए जानलेवा हमला मामले में पुलिस ने 12 लोगों को और हिरासत में लिया है। इनमें 8 मेरठ जिले के दौराला थाना क्षेत्र के अख्तियारपुर गांव से उठाए गए हैं। जबकि चार निवाडी रोड से उठाए हैं। इनके पास से कुछ हथियार भी मिले हैं। इनसे पूछताछ की जा रही है।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई मनोज के एक करीबी रिश्तेदार के हिरासत में लेने के बाद मिली लीड के आधार पर की गई है। रविवार को दिनभर चर्चा रही कि मनोज और दिल्ली एनकाउंटर में मारे गए सुरेश दीवान के एक रिश्तेदार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जिसने शूटर उपलब्ध कराए थे।
हालांकि रात तक पुलिस अफसरों ने गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की। पुलिस ने मनोज और शेखर के करीबी छह लोग पहले ही हिरासत में लिए हुए हैं। इसके अलावा तेवतिया के एक ड्राइवर की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
पुलिस सोमवार या मंगलवार को इस मामले का खुलासा कर सकती है। डीजीपी और एडीजी पूरे केस पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। आरोपियों और शूटरों की तलाश में पुलिस की नौ टीमें छह प्रदेशों में दबिश दे रही हैं, इसके अलावा एसटीएफ भी लगी हुई है।
पुलिस का फोकस फिलहाल पुरानी रंजिश पर ही है। साथ ही तेवतिया के दुश्मनों के कॉकटेल पर भी पुलिस निगाह बनाए हुए है। बता दें कि केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के करीबी माने जाने वाले कविनगर निवासी भाजपा नेता ब्रजपाल तेवतिया पर बृहस्पतिवार को मुरादनगर के रावली रोड पर जानलेवा हमला किया गया था।
मुरादनगर थाने में अफसरों ने डाला डेरा
भाजपा नेता ब्रजपाल तेवतिया पर हमला करने वालों की तलाश में पुलिस ने सूचना तंत्र तेज कर दिया है। वारदात के बाद से पुलिस अफसरों ने मुरादनगर थाने में डेरा डाल रखा है। पुलिस प्रशासन ने जिले के तेजतर्रार पुलिस अधिकारियों को वारदात के खुलासे के लिए लगा रखा है। इसमें पूर्व में रहे मुरादनगर थाने के कई एसओ भी शामिल है।
रविवार को अधिकारियों की गाड़ियां मुरादनगर थाने में आती जाती देखी गईं। पुलिस हमलावरों की तलाश में जुटी है। पुलिस को यह भी पता चला है कि घटना से पहले शहर और देहात में हमले में प्रयुक्त फॉर्च्यूनर देखी गई थी।
एसटीएफ के दरोगा से भी पूछताछ
तेवतिया जानलेवा हमला मामले में एसटीएफ के एक दरोगा से भी पूछताछ की गई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दरोगा इस मामले में आरोपी बताए जा रहे लोगों का रिश्तेदार बताया जा रहा है। दूसरी तरफ, सोशल साइट्स पर यह भी चर्चाएं रहीं कि मनोज को गिरफ्तार कर लिया गया है, हरियाणा के एक हिस्ट्रीशीटर ने इस मामले में सुपारी ली थी और पुलिस गिरफ्त में आए मनोज के रिश्तेदार ने शूटर उपलब्ध कराने की बात कबूल ली है। हालांकि पुलिस अफसरों ने देर रात तक इन तीनों सूचनाओं की पुष्टि नहीं की।
पुलिस की नाकामी पर उठ रहे सवाल
प्रदेश सरकार की पोल खुल रही है। इस सरकार में कोई सुरक्षित नहीं है। प्रदेश सरकार का पुलिस से अंकुश खत्म है। वरना अब तक हमलावर पुलिस पकड़ में होते। - दिनेश सिंहल जिला महामंत्री भाजपा।
वारदात ने कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ा दी हैं। इसके बावजूद पुलिस हमलावरों का सुराग नहीं लगा सकी है। पुलिस की इस नाकामी से आम आदमी की सुरक्षा को भी खतरा है। - डा. मंजू शिवाच जिला अध्यक्ष महिला मोर्चा।
प्रदेश में गुंडाराज चल रहा है। भाजपा नेता ब्रजपाल तेवतिया पर हुए हमले ने यह सिद्घ कर दिया है। आरोपियों का अभी तक नहीं पकड़ा जाना, पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है। - सुदेश शर्मा विधायक रालोद।
प्रदेश में जिस तरह अपराधों को रोकने में पुलिस नाकाम हो रही है। पुलिस में प्रदेश सरकार का खौफ खत्म है। ऐसे में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को इस्तीफा दे देना चाहिए। - वहाब चौधरी विधायक बसपा।