फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खरीद-फरोखत में फर्जीवाड़ा करे पर लगी 40 लाख की पेनाल्टी-Ghaziabad city

विज्ञापन
विज्ञापन
खरीद-बिक्री मेें खेल लगाया 40 लाख जुर्माना
विज्ञापन


गाजियाबाद। वाणिज्य कर (राज्य जीएसटी) विभाग ने शुक्रवार को मेरठ रोड औद्योगिक क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की। विभाग के 25 अधिकारियों की टीम ने समर कूल होम एप्लाइंसेस और थर्माकूल होम एप्लाइंसेस के चार गोदामों पर छापा मारा। जहां पर खरीद-बिक्री में भारी हेराफेरी पकड़ी गई है। इसके बाद दोनों कंपनियों पर 40 लाख का जुर्माना लगाया गया है।
टैक्स चोरी रोकने के लिए वाणिज्य कर विभाग की टीमें कमिश्नर के निर्देश पर छापेमारी कर रही हैं। दूसरे दिन समर कूल होम एप्लाइंसेस और थर्माकूल होम एप्लाइंसेस पर कार्रवाई की गई। वाणिज्य कर विभाग की एसआईबी (स्पेशल इवेंस्टीगेशन ब्रांच) टीम को दोनों कंपनियों के गोदामों के स्टाक में रिकार्ड के हिसाब में भारी अंतर मिला है। एडिशनल कमिश्नर एसआईबी प्रदीप कुमार ने बताया कि दोनों कंपनियों के चार गोदामों की जांच की गई है। जहां पर उपलब्ध स्टाक रजिस्टर के हिसाब से खरीद बिक्री में भारी अंतर पाया गया। आगे की जांच के लिए कुछ रजिस्टर, पेपर और कंप्यूटर हार्ड डिस्क विभाग की टीमों ने कब्जे में ले लिया है। पहली ही नजर में मामला टैक्स चोरी का है। इसलिए दोनों कंपनियों के खिलाफ पर 40 लाख रुपये की पेनाल्टी लगाई है। जांच टीम में दो ज्वाइंट कमिश्नर, छह डिप्टी कमिश्नर और असिस्टेंट कमिश्नर और सीटीओ को लगाया गया था। ध्यान रहे कि साहिबाबाद स्थित डीएस ग्रुप के ट्रेडर्स पर गाजियाबाद व नोएडा की एसआईबी टीम ने छापा मारा था, जहां पर भारी धांधली पकड़ी गई थी। उस पर 70.51 लाख रुपया का जुर्माना लगाया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


फार्म ट्रेन-1 भरकर लें इनकम टैक्स क्रेडिट
गाजियाबाद। जीएसटी लागू होने के बाद केंद्रीय वस्तु एवं सेवाकर विभाग ने करदाताओं को इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) की सुविधा उपलब्ध कराई है। विभाग के संयुक्त आयुक्त मनीष कुमार झा ने बताया कि जीएसटी लागू होने से पहले जिन करदाताओं ने अपना आखिरी रिटर्न जमा कर दिया था, उन्हें इसका लाभ दिया जाएगा। करदाता रिटर्न में घोषित आईटीसी के अंतिम शेष के आधार पर फार्म ट्रेन-1 भरेंगे। फार्म के आधार पर ही करदाता को आईटीसी क्लेम दिया जाएगा। करदाता यह फार्म 27 दिसंबर तक भर सकते हैं। साथ ही जिन करदाताओं ने फार्म ट्रेन-1 भर दिया है, लेकिन उसमें कुछ गलतियां है। ऐसे करदाता भी अपने फार्म 27 दिसंबर तक संशोधित कर सकते हैं। इस डेट के बाद कोई भी फार्म जमा नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जीएसटी लागू होने के बाद व्यापारियों और करदाताओं को फायदा पहुंचाने के लिए इस योजना को शुरू किया गया है। ताकि व्यापारियों को यह विश्वास हो जाए कि सरकार उनके हितों के प्रति भी सजग है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें