मोदीनगर। निवाड़ी मार्ग स्थित दिव्य ज्योति डीजे आयुर्वेदिक संस्थान की बीएएमएस की छात्रा लक्ष्मी हत्याकांड पुलिस के लिए पहेली बना हुआ है। पोस्टमार्टम में गला दबाकर हत्या की पुष्टि ने पुलिस की परेशानी को ओर बढ़ा दी। घटना के एक माह बाद भी थाना पुलिस किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंची है। हत्याकांड के खुलासे में उलझी पुलिस ने फॉरेंसिक एक्सपर्ट का सहारा लिया है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल पर क्राइम सीन का दोहराव किया। मूलरूप से कन्नौज निवासी लक्ष्मी गुप्ता डीजे आयुर्वेदिक संस्थान में बीएएमएस की छात्रा थी। लक्ष्मी निवाड़ी रोड स्थित सूर्या एंक्लेव में एक निजी पीजी कॉलेज में रहती थी। 15 जून को लक्ष्मी का शव कमरे में फंदे से लटका मिला था। पुलिस मामले को प्रथम दृष्टया खुदकुशी का मान रही थी लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की पुष्टि ने पुलिस को उलझा कर रख दिया। पुलिस ने मृतक छात्रा के दोस्तों और सहपाठियों से पूछताछ की और करीब 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरे खंगाले, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। इसके बाद पुलिस ने क्राइम सीन के दोहराव कराने का निर्णय लिया। बुधवार शाम सात सदस्यीय फॉरेंसिक टीम घटना स्थल पहुंची। टीम ने करीब दो घंटे तक क्राइम सीन का दोहराव किया। इस दौरान किसी भी व्यक्ति को अंदर आने की अनुमति नहीं दी गई। टीम ने लक्ष्मी के सहपाठियों से भी पूछताछ की। एसीपी ज्ञान प्रकाश राय ने बताया कि फॉरेंसिक टीम ने मौके पर जाकर क्राइम सीन का दोहराव किया। शीघ्र ही जांच रिपोर्ट मिल जाएगी। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।