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Ghaziabad: मासूम से दुष्कर्म और हत्या के आरोपी को अदालत ने सुनाई फांसी की सजा, कोर्ट ने अर्थदंड भी लगाया

Wed, 15 Mar 2023 04:39 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद

सार

सुनवाई करते हुए कोर्ट ने अभियुक्त को फांसी की सजा सुनाई है। साथ ही अभियुक्त पर 61 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है ।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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9 वर्ष की बच्ची के साथ दुष्कर्म कर हत्या करने के दोषी को अदालत ने बुधवार को सुनवाई के बाद फांसी की सजा सुनाई है। साथ ही अभियुक्त को 61 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। अदालत ने मामले की अंतिम सुनवाई करते हुए सोमवार को दुष्कर्म के बाद बच्ची की हत्या करने के आरोपी को दोषी करार दिया था। मामला मोदीनगर थाना क्षेत्र का है।

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विशेष लोक अभियोजक संजीव बखरवा ने बताया कि मोदीनगर थाना क्षेत्र में रहने वाली कक्षा चार की छात्रा, 9 वर्ष की बच्ची  18 अगस्त 2022 को घर के बाहर खेल रही थी। इसी दौरान युवक कपिल कश्यप आया और बच्ची को बहला-फुसलाकर आइसक्रीम दिलाने के बहाने साइकिल पर बिठाकर जंगल में ले गया। आरोपी ने वहां बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। घटना के पर्दाफाश होने के डर से बच्ची की गला दबाकर हत्या कर दी और शव को जंगल में फेंक कर फरार हो गया।

 

बच्ची का पता नहीं चलने पर परिजनों ने उसे सभी जगह तलाश किया। मगर कोई पता नहीं चला । इसके बाद मामले की रिपोर्ट पुलिस में दर्ज कराई। पुलिस ने कपिल कश्यप को मुखबिर की सूचना के आधार पर गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। मामले की अंतिम सुनवाई सोमवार को पोक्सो कोट फर्स्ट में हुई।  पोक्सो कोर्ट  फर्स्ट के न्यायाधीश ने पेश सबूत और गवाहों के बयान के आधार पर  अभियुक्त कपिल कश्यप को दोषी करार दिया। बुधवार को सजा के प्रश्न पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने अभियुक्त को फांसी की सजा सुनाई है। साथ ही अभियुक्त पर 61 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है ।


पीड़ित परिवार के बहुत गरीब होने से मित्र अधिवक्ता की व्यवस्था की गई थी ,पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता अभय सिंह ने कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए ऐसे ही निर्णय की जरूरत है। न्यायालय के निर्णय से बहुत खुश हूं। ऐसे अपराधियों को सबक इसी प्रकार सिखाया जा सकता है।

 

वहीं विशेष लोक अभियोजक संजीव बखारवा ने कहा आने वाले नवरात्रों में तो 9 दिन लोग देवियों की पूजा करते हैं, पत्थर की मूर्ति को तो पूजना आता है, पर यह मासूम बच्चियां जो स्वयं देवी का रूप है इनका सम्मान और पूजा करनी नहीं आती। ऐसे जघन्य अपराध के लिए ऐसी ही सजा दी जानी चाहिए और हम इसकी पूरी कोशिश करेंगे। 

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