गाजियाबाद। गोविंदपुरम के कैलाशपुरम में सनराइज फार्मा के नाम से चल रहे मेडिकल स्टोर पर बुधवार दोपहर औषधि विभाग की टीम ने छापा मारकर बड़ी मात्रा में रक्तचाप की नकली दवा पकड़ी है। टीम ने मेडिकल स्टोर संचालक गुंजन गुप्ता और उसके साथी शाहबाज को गिरफ्तार कर लिया। उनसे पूछताछ में खुलासा हुआ कि दोनों नकली दवा के सप्लायर है। रक्तचाप की नकली दवा रुड़की की एक फैक्टरी से बनवाते थे और फिर गाजियाबाद से लेकर लखनऊ तक यूपी के कई जिलों में सप्लाई करते थे। दोनों को कविनगर थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया है। उनसे पूछताछ में नकली दवा के बड़े नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना है। गुंजन गुप्ता नकली दवा के धंधे का बड़ा खिलाड़ी है।
ड्रग इंस्पेक्टर अनुरोध कुमार ने बताया उच्च रक्तचाप में इस्तेमाल होने वाली टेलमा टेबलेट के नाम से नकली दवा बेचे जाने की जानकारी ग्लेनमार्क फार्मास्यूटिकल कंपनी से मिली। यह कंपनी टेलमा टैबलेट बनाती है। दरअसल, बजरिया स्थित मेडिकल स्टोर से दवा के नमूने लिए गए थे।
इस पर कंपनी के प्रतिनिधि ने बताया कि जिस दवा का नमूना लिया है, वह असली नहीं बल्कि नकली है। इसके बाद पड़ताल शुरू कराई गई। मेडिकल स्टोर संचालक ने बताया कि उसने दवा लखनऊ की राठौर मेडिकल एजेंसी से खरीदी थी। एजेंसी से बताया गया कि गाजियाबाद के कैलाशपुरम से सनराइज फार्मा से ली गई थी। जांच आगे बढ़ी तो खुलासा हुआ कि सनराइज फार्मा से नकली दवा कई जिलों में सप्लाई की जाती है। इस पर छापा मारकर गिरफ्तारी की गई। कार्रवाई में गाजियाबाद और नोएडा के औषधि निरीक्षक आशुतोष मिश्रा, अनुरोध कुमार और वैभव बब्बर शामिल रहे। एसीपी कविनगर अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि दोनों आरोपियों पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है।
नकली टेलमा बेचकर नाम पड़ा टेलमा किंग
गिरफ्तार दवा सप्लायरों में शाहबाज अलीगढ़ के शहंशाबाद का निवासी है और गुंजन गुप्ता दिल्ली के उत्तम नगर का है। गुंजन गुप्ता 2021 में भी नकली टेलमा बेचे जाते हुए पकड़ा गया था। वह औषधि विभाग के अफसरों से यह कहकर गया था कि दस्तावेज लेकर आ रहा है और फिर भाग गया था। तब से उसकी तलाश चल रही थी जबकि उसने फिर से नकली दवा का नेटवर्क खड़ा कर लिया था। वह इस धंधे का इतना बड़ा खिलाड़ी बन चुका है कि गिरोह में उसका नाम ही टेलमा किंग पड़ गया है।
ढाई घंटे तक झूठ बोलता रहा मास्टरमाइंड
गुंजन गुप्ता ढाई घंटे तक पुलिस और औषधि विभाग की टीम से झूठ बोलता रहा। उसने पहले अपना नाम बाल तिलक बताया। शाहबाज ने उसका नाम राम प्रकाश बताया। सख्ती से पूछताछ में गुंजन ने सच बोला। उसने बताया कि उसने पहले दवा बेचने का लाइसेंस शाहबाज के नाम से लिया था। तब से शाहबाज उसके साथ है। पुलिस ने बताया कि नकली दवा के रैपर में सभी चीजें असली जैसी हैं, सिर्फ प्रेग्नेंसी की स्पेलिंग गलत थी।