माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। व्यावसायिक संपत्तियों से टैक्स वसूलने में अनियमितताएं लगातार सामने आ रही हैं। इस मामले में महापौर सुनीता दयाल लगातार नगर निगम के टैक्स विभाग को सवालों के घेरे में खड़ा कर रही हैं। अब जांच में पाया गया है कि शहर के पांच बड़े मॉल पर निगम का करीब 80 लाख रुपया यूजर चार्ज बकाया है। महापौर ने व्यावसायिक संपत्तियों से टैक्स वसूली में अनियमितता बरतने वाली निजी कंपनी और निगम अधिकारियों को चेतावनी दी है।
महापौर ने बताया कि एक के बाद एक व्यावसायिक संपत्तियों की जांच में अनियमितताएं सामने आ रही हैं। दुबई मॉल पर छह लाख रुपया बकाया है। गौर मॉल पर लगभग 12 लाख, चौधरी मॉल पर 12 लाख, ऑप्यूलेंट मॉल पर 30 लाख और वर्ल्ड स्क्वायर मॉल पर लगभग 20 लाख रुपया यूजर चार्ज बकाया है। निगम का कुल करीब 80 लाख रुपया मॉल संचालक दबाए बैठे हैं। नगर निगम डोर टू डोर कचरा संग्रहरण करता है, जिसकी एवज में यूजर चार्ज लिया जाता है।
मॉल और बड़े व्यावसायिक परिसरों से भारी मात्रा में कचरा निकलता है लेकिन इनसे यूजर चार्ज वसूलने में लापरवाही बरती जा रही है। जिससे नगर निगम को भारी आर्थिक क्षति पहुंच रही है। नगर निगम सीमाक्षेत्र में यूजर चार्ज वसूलने का जिम्मा स्पैरो सॉफ्टटेक कंपनी को दिया गया था, लेकिन यह कंपनी अपना काम ठीक से नहीं कर पा रही है। निगम के जोनल कार्यालयों में भी यूजर चार्ज जमा होता है, लेकिन यहां भी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।