कोरोना संक्रमण मुक्त होने पर अपने या सार्वजनिक वाहन से घर जाएंगे मरीज कोरोना मरीज को वापस घर नहीं छोड़ेगी एंबुलेंस मिशन निदेशक ने जारी किए निर्देश माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। कोरोना मरीजों को संक्रमण मुक्त होने के बाद अब अपने वाहन से ही घर जाना होगा। शासन ने संक्रमण मुक्त होने वाले मरीजों को एंबुलेंस से घर छोड़ने पर रोक लगा दी है।शासन का फरमान ऐसे समय में आया है जब कोरोना मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने में लगाई एंबुलेंसे भी कम पड़ रही है और प्राइवेट डाक्टरों से एंबुुलेंस जन सेवा के लिए मांगी गई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि 108 और एएलएस एंबुलेंस के जरिए कोविड और अन्य रोगियों को ड्रॉप बैक दिया जा रहाहै जो अनुबंध के विपरीत है। इसके अलावा गंभीर मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने में देर हो जाती है ऐसे में ड्रॉप बैक की सुविधा नहीं दी जा सकती। विशेष स्थिति में शासन व उच्चाधिकारियों से अनुमति लेने के बाद ही ड्रॉप बैक दिया जाए।जिले में कोरोना संक्रमित लोगों को घर से अस्पताल तक पहुंचाने 14 सरकारी एंबुलेंसों का प्रयोग किया जा रहा है। इसके अलावा दावा किया जा रहा है कि निजी अस्पतालों की ओर से भी 26 एंबुलेंस उपलब्ध करवाई गई हैं। हालांकि जिले के एंबुलेंस प्रभारी जयविंदर ने इससे इनकार किया है। उनका कहना है कि निजी अस्पतालों से मुहैया करवाई गईं एंबुलेंस उन्हें हैंडओवर नहीं की गई हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण मुक्त होने वाले मरीजों को अस्पताल से घर पहुंचाने को लेकर भी शासन ने नई गाइड लाइन जारी हैं। नई गाइड लाइन के अनुसार अब एंबुलेंस के जरिए संक्रमण मुक्त होने वालों को अस्पताल से घर नहीं छोड़ा जाएगा। -------------