गाजियाबाद। डासना स्थित ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे कानपुर तक बनाए जाने वाले ग्रीन फील्ड इकॉनोमिक कॉरिडोर का निर्माण लोकसभा चुनाव से पहले शुरू हो सकता है। गाजियाबाद से कानपुर के रिंग रोड को जोड़ने वाले इस 288 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर के निर्माण पर 15 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। शनिवार को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी व केंद्रीय राज्यमंत्री वीके सिंह ने दिल्ली में एनएचएआई के अधिकारियों के साथ बैठक कर इस कॉरिडोर की डीपीआर की समीक्षा की। उन्होंने एनएचएआई के अधिकारियों को टेंडर प्रक्रिया पूरी कराकर जल्द से जल्द निर्माण कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए हैं।
स्थानीय सांसद व केंद्रीय मंत्री वीके सिंह ने बताया कि प्रस्तावित परियोजना गाजियाबाद के ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस से शुरू होकर गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, कासगंज, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर और उन्नाव को जोड़ेगी। इस ग्रीन कॉरिडोर के माध्यम से गाजियाबाद से कानपुर तक पहुंचने के लिए वाहन चालकों को 380 किलोमीटर का रास्ता तय करना होगा। इसमें से 288 किलोमीटर ग्रीन कॉरिडोर पर और 108 किलोमीटर अन्य हाईवे या एक्सप्रेसवे पर चलना होगा। उन्होंने बताया कि ग्रीन फील्ड इकॉनोमिक कॉरिडोर के बन जाने के बाद गाजियाबाद से कानपुर तक की दूरी महज 5 घंटे 40 मिनट में तय हो जाएगी, जबकि वर्तमान में इस दूरी को तय करने में करीब 10 से 11 घंटे का समय लगता है।
-
पहले चरण में चार लेन का होगा निर्माण
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने इस परियोजना को गाजियाबाद-हापुड़ -कानपुर-उन्नाव ग्रीनफील्ड इकोनॉमिक कॉरिडोर नाम दिया है। जमीन का अधिग्रहण आठ लेन के एक्सप्रेसवे के लिए किया जाएगा, लेकिन शुरुआती चरण में चार लेन का निर्माण किया जाएगा। अंडरपास, फ्लाईओवर और सर्विस रोड का निर्माण छह लेन के ग्रीनफील्ड कॉरिडोर की तर्ज पर किया जाएगा। यह कॉरिडोर लखनऊ से कानपुर के बीच बन रहे एक्सप्रेसवे को उन्नाव और कानपुर के बीच में जोड़ेगा।
डासना के बाद हापुड़ में बाईपास से भी जुड़ेगा ग्रीन कॉरिडोर
यह कॉरिडोर गाजियाबाद के साथ-साथ हापुड़ से भी जुड़ेगा। डासना-मसूरी के पास गाजियाबाद की सीमा से एनएच-9 और ईपीई से जोड़ते हुए निर्माण शुरू होगा। इसके बाद हापुड़ में बाइपास (पुराने एनएच-24 बाइपास) को जोड़ा जाएगा। आगे जाकर यह दोनों कनेक्टर एक जगह मिल जाएंगे। इससे फायदा यह होगा कि गाजियाबाद की ओर से आने वाले ट्रैफिक को कॉरिडोर पर चढ़ने के लिए हापुड़ तक नहीं आना पड़ेगा। वह मसूरी के पास से सीधे कानपुर के लिए जा सकेंगे। मेरठ, हापुड़ अमरोहा की तरफ से आने वाले वाहन सीधे हापुड़ बाइपास से कॉरिडोर पर पहुंचकर कानपुर जा सकेंगे।
औद्योगिक क्षेत्रों को भी मिलेगी कनेक्टिविटी
औद्योगिक महत्व को ध्यान में रखते हुए इस ग्रीनफील्ड का डिजाइन बनाया गया है। इसके जरिए नरौरा परमाणु ऊर्जा संयंत्र, हरदुआगंज थर्मल पॉवर प्लांट, अल्ट्राटेक सीमेंट, सिकंदराबाद औद्योगिक क्षेत्र, इत्र उद्योग, चमड़ा उद्योग और गौतमबुद्ध नगर में स्थित कॉरपोरेट इंडस्ट्रीज को भी इस मार्ग से जोड़ा जाएगा। ताकि उद्योगों तक कच्चे माल और तैयार माल का आवागमन सुगम हो सके।
बयान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने एक्सप्रेसवे और हाईवे के निर्माण पर विशेष ध्यान देकर सड़कों के नेटवर्क को बढ़ाया है। गाजियाबाद से कानपुर तक बनाए जाने वाले इस ग्रीन कॉरिडोर की डीपीआर बनकर तैयार हो गई है। शनिवार को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की मौजूदगी में इसकी समीक्षा की गई है। एनएचएआई के अधिकारियों को जल्द से जल्द प्रक्रियाओं को पूरा कराकर निर्माण शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। - वीके सिंह, स्थानीय सांसद व केंद्रीय राज्यमंत्र