12 दिन में दर्ज किया केस
पुलिसवालों पर बेहद संगीन आरोप लगने के बावजूद कोतवाली थाना पुलिस ने केस दर्ज करने में 12 दिन का समय लिया। इतनी लंबी अवधि बीत जाने के बाद भी दो नामजद आरोपी होते हुए एक की भी गिरफ्तारी नहीं की गई है। उनसे पूछताछ तक नहीं हुई। अगर हुई होती तो तीसरे आरोपी का नाम-पता मिल गया होता। साफ लग रहा है कि पुलिस की मंशा कार्रवाई करने की है या जांच के नाम पर मामले को लंबा खींचने की है। इस तरह के पहले आ चुके मामलों में आधे से ज्यादा की जांच को लंबा खींचा गया। बाद में या तो समझौता हो गया या फिर साक्ष्य नहीं मिलने की वजह से आरोपियों पर कार्रवाई नहीं हो सकी।
युवती के घर पहुंचे आरोपी
इस मामले में कार्रवाई से बचने के लिए आरोपी पुलिसवाले पुलिसिया हथकंडे अपना रहे हैं। युवती ने बताया कि उसके शिकायत करने के बाद जैसे ही मामले की जांच शुरू हुई, वैसे ही 22 सितंबर को आरोपी उसके घर पहुंच गए। उससे कहा कि अफसरों से शिकायत क्यों की। साथ ही धमकी दी कि इसका अंजाम अच्छा नहीं होगा। वह और उसके परिवार के लोग डरे हुए हैं। कहीं पुलिसवाले कोई अनहोनी न कर दें। वे एक हजार रुपये लौटा गए। घर आने से पहले वे फोन पर धमकी दे रहे थे।
आरोपियों पर केस दर्ज, होगी कार्रवाई
एसीपी कोतवाली निमिष पाटिल ने बताया कि सिपाही दिगंबर, होमगार्ड राकेश कुमार व अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। सादा कपड़ों में बताए गए तीसरे आरोपी की पहचान और तलाश के प्रयास किए जा रहे हैं। इस मामले में कार्रवाई होगी।
मेरे सामने मंगेतर को पीटा
हम दोनों पार्क में बैठे थे, तभी पीआरवी के सिपाही, होमगार्ड और उनके साथी ने उन्हें घेर लिया। उन्होंने बेहद अभद्र भाषा में उल्टे-सीधे सवाल किए और मेरे साथ छेड़छाड़ करने लगा। मंगेतर ने विरोध किया तो उसे थप्पड़ मारे और काॅलर पकड़कर बुरी तरह से पीटा। मैंने पुलिसवालों के पैर पकड़ लिए पर वे नहीं पसीजे। इसके बाद अश्लील हरकतें करने लगें। मंगेतर के सामने ही मुझसे कहा, हमसे संबंध बना ले, फिर छोड़ देंगे, मेरे आंसू निकल आए। पुलिसवालों ने मेरा और मंगेतर का फोन नंबर लिया। चुप रहने की धमकी देकर छोड़ा।